Goods and Services Tax (GST) लागू होने के बाद इसमें कई नए नियम और संक्षेप शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है, जो अलग अलग जगह पर काम आता है, लेकिन जीएसटी के शॉर्ट नाम का फुल फॉर्म सभी एक जगह आपको नहीं मिलेंगे।
इसीलिए आज में आपके लिए जीएसटी से जुड़ी सभी ज़रूरी फुल फॉर्म्स की लिस्ट आपके लिए तैयार किया हूं, जो दुनिया भर में इस्तेमाल होता है, एक अच्छा और जानकार टैक्सपेयर बनने के लिए आपको पहले इन शॉर्ट नामों के अर्थ को जानना जरूरी है।
इस पोस्ट में क्या क्या है?
1. GST के प्रकार (Types of GST)
- GST (Goods and Services Tax): यह वस्तुओं और सेवाओं पर लगने वाला अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) है।
- CGST (Central GST): यह राज्य के भीतर व्यापार होने पर केंद्र सरकार द्वारा वसूला जाने वाला हिस्सा है।
- SGST (State GST): यह राज्य के भीतर व्यापार होने पर राज्य सरकार द्वारा वसूला जाने वाला हिस्सा है।
- IGST (Integrated GST): यह एक राज्य से दूसरे राज्य (Inter-state) में व्यापार होने पर लगने वाला टैक्स है।
- UTGST (Union Territory GST): यह केंद्र शासित प्रदेशों (जैसे अंडमान, लद्दाख) के भीतर व्यापार पर लगने वाला टैक्स है।
2. पहचान और वर्गीकरण (Identification & Classification)
- GSTIN (GST Identification Number): हर जीएसटी रजिस्टर्ड व्यापारी को मिलने वाला 15 अंकों का यूनिक पहचान नंबर है यह।
- HSN (Harmonized System of Nomenclature): सामान (Goods) को पहचानने के लिए इस्तेमाल होने वाला इंटरनेशनल कोड है यह।
- SAC (Services Accounting Code): सेवाओं (Services) की पहचान और उन पर टैक्स दर तय करने वाला कोड है यह।
- PAN (Permanent Account Number): जीएसटी रजिस्ट्रेशन में लगने वाला और जीएसटी नंबर के बीच रहने वाला 10 अंकों का आयकर नंबर है यह।
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3. मुख्य अवधारणाएं (Key Concepts)
- ITC (Input Tax Credit): सामान खरीदते समय चुकाए गए टैक्स को, सामान बेचते समय बनने वाले टैक्स से कम करने की सुविधा मिलता है।
- RCM (Reverse Charge Mechanism): यह वह स्थिति है जहाँ सप्लायर के बजाय सामान खरीदने वाला व्यक्ति सीधे सरकार को टैक्स जमा करता है।
- POS (Place of Supply): वह स्थान जहाँ सामान या सेवा की सप्लाई पूरी मानी जाती है, इसी से टैक्स (IGST या CGST/SGST) तय होता है।
- LUT (Letter of Undertaking): बिना IGST चुकाए निर्यात (Export) करने के लिए भरा जाने वाला ऑनलाइन फॉर्म है यह।
- EWB (E-Way Bill): ₹50,000 से ज्यादा कीमत के माल को एक जगह से दूसरी जगह भेजने के लिए ज़रूरी है यह इलेक्ट्रॉनिक डॉक्यूमेंट।
- B2B (Business to Business): जब कोई एक बिजनेस दूसरे बिजनेस के लिए जीएसटी बिल बनता है, कस्टमर के जीएसटी नंबर के साथ।
- B2C (Business to Customer): जब कोई एक बिजनेस ऑनर अपने कस्टमर के लिए बिल बनता है, कस्टमर के पर्सनल इस्तेमाल के लिए या उनके पास जीएसटी नंबर नहीं हो।
- B2G (Business to Government): जब कोई एक बिजनेस कोई सरकारी एजेंसी के लिए बिल बनता है तब यह B2G काम आता है।
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4. रिटर्न और पोर्टल (Returns & Portal)
- GSTR (GST Return): यह टैक्सपेयर द्वारा अपनी सेल और परचेज़ की जानकारी देने के लिए भरा जाने वाला फॉर्म (जैसे GSTR-1, GSTR-3B)।
- NIL GSTR: यदि किसी महीने कोई भी व्यापारिक लेन देन न हुआ हो, तो भरा जाने वाला शून्य रिटर्न।
- QRMP (Quarterly Return Monthly Payment): छोटे व्यापारियों के लिए 3 महीने में एक बार रिटर्न भरने और हर महीने टैक्स जमा करने वाला स्कीम है यह।
- IRP (Invoice Registration Portal): ई-इनवॉइस (E-Invoice) को रजिस्टर करने और प्रमाणित करने वाला सरकारी पोर्टल है यह।
- IRN (Invoice Registration Number): ई-इनवॉइस जनरेट होने पर मिलने वाला एक यूनिक रेफरेंस नंबर है यह।
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5. तकनीकी और वेरिफिकेशन (Technical & Verification)
- ARN (Application Reference Number): रजिस्ट्रेशन या अमेंडमेंट के लिए आवेदन करने पर मिलने वाला रेफरेंस नंबर है यह।
- DSC (Digital Signature Certificate): ऑनलाइन फॉर्म्स को प्रमाणित करने के लिए इस्तेमाल होने वाला डिजिटल हस्ताक्षर है यह।
- EVC (Electronic Verification Code): ओटीपी (OTP) आधारित वेरिफिकेशन कोड जो DSC का आसान विकल्प है यह।
- TDS (Tax Deducted at Source): पेमेंट करते समय काटा जाने वाला टैक्स (जीएसटी नियमों के तहत)।
- TCS (Tax Collected at Source): ई-कॉमर्स ऑपरेटर्स द्वारा सेलर्स से वसूला जाने वाला टैक्स है यह।
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निष्कर्ष: जीएसटी के संक्षेप नामों के बारे में
जीएसटी भारत में लगने वाला सबसे बड़ा अप्रत्यक्ष कर सिस्टम है जिसने कई पुराने करों की जगह ले ली है, GST से जुड़े ऊपर दिए गए सभी फुल फॉर्म को समझने से आपको जीएसटी की फाइलिंग, पेमेंट और नियम आसान लगेगा।
में उम्मीद करता हूं कि यह जीएसटी में इस्तेमाल होने वाले सभी फुल फॉर्म के जानकारी आपको मिली है जो आगे बहुत काम आएंगे, अपने दोस्त और सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को शेयर कर उनको भी जानकारी लेने में मदद कीजिए।
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