आज के समय में लोग बच्चों की विदेशी पढ़ाई, इलाज, इन्वेस्ट, परिवार की मदद या बिज़नेस के लिए भारत से विदेश पैसा भेजते हैं, लेकिन बहुत से लोग यह नहीं जानते कि इस पर Income Tax और TCS (Tax Collected at Source) के नियम लगते हैं।
आज भारत से बाहर पैसा भेजना बहुत आम हो गया है, अक्टूबर 2023 से सरकार ने इसके नियमों में बड़े सारे बदलाव किए हैं, आज में आपको आसान भाषा में समझाऊंगा कि अब भारत से विदेश पैसा भेजने पर कितना टैक्स लगता है।
इस पोस्ट में क्या क्या है?
भारत से विदेश पैसा भेजने का कानून कौन सा है?
भारत से विदेश पैसा भेजना RBI में Liberalised Remittance Scheme (LRS) के अंदर होता है, यह नियम सिर्फ भारतीय नागरिक (Resident Indians) पर लागू होता है।
RBI के नए नियमों के अनुसार, एक भारतीय नागरिक एक वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) में ज्यादा से ज्यादा $2,50,000 (लगभग 2 करोड़ रुपये से ज्यादा) तक विदेश पैसा भेज सकता है इसे ही LRS लिमिट कहा जाता है।
LRS में TCS क्या है?
भारतीय रिज़र्व बैंक की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम के अंदर एक व्यक्ति जो एक साल में $2.50 लाख तक विदेश भेज सकता है, इस ट्रांजैक्शन पर बैंक जो टैक्स आपसे काटता है उसे ही TCS कहते हैं।
यह टीसीएस कोई एस्ट्रा चार्ज नहीं है, असल में यह एक ‘एडवांस टैक्स‘ है, जो सरकार के तरफ से बैंक पैसे भेजते समय आपसे लेती है, जिसे आप ITR फाइल करते समय सही तरीके से एडजस्ट कर सकते है या रिफंड ले सकते हैं, इसपर हम नीचे बात करेंगे।
LRS में पैसा भेजने के कुछ सामान्य कारण
अक्सर लोग जिस कारण से विदेश में पैसा भेजते है इसका लिस्ट में नीचे दिया हूं:
- विदेश में पढ़ाई (Education) के लिए
- इलाज (Medical treatment) के लिए
- परिवार या रिश्तेदार को मदद के लिए
- विदेश यात्रा के लिए
- शेयर, म्यूचुअल फंड, प्रॉपर्टी में निवेश के लिए
- गिफ्ट देने के लिए
TCS की नई दरें नए Budget के साथ
अब तक के नए LRS नियमों के अनुसार, ₹10 लाख की थ्रेशोल्ड लिमिट और टैक्स रेट्स में बहुत अंतर हुआ है एक टेबल से समझे:-
| पैसा भेजने का कारण | ₹10 लाख तक (सालाना) | ₹10 लाख से अधिक पर |
| शिक्षा (बैंक लोन के ज़रिए) | Nil | NIL (पूरी तरह छूट) |
| शिक्षा (अपने खर्च पर) | Nil | 2% (यह पहले 5% था) |
| मेडिकल ट्रीटमेंट | Nil | 2% ( यह पहले 5% था) |
| विदेशी निवेश या गिफ्ट आदि | Nil | 20% |
| विदेशी टूर पैकेज | 2% (कोई लिमिट नहीं) | 2% (कोई लिमिट नहीं) |
इसमें एक व्यक्ति जो एक वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च में जो ज्यादा से ज्यादा USD 2,50,000 (लगभग ₹2 करोड़) से ज्यादा पैसा ट्रांसफर कर सकते है इसमें सभी प्रकार के ट्रांसफर शामिल होते हैं, जो ऊपर हमने आपको लिस्ट दिया।
LRS में TCS को एक उदाहरण से समझिए
मान लीजिए आपने विदेश में मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए ₹12 लाख विदेश में भेजे तो:
- ₹10 लाख तक जीरो TCS
- ₹2 लाख पर 2% TCS तो होता है ₹4,000
अब बैंक आपसे ₹4,000 काटेगा और आप इस कटे गए टीसीएस को आईटीआर में क्लेम कर सकते हैं।
नए बजट में क्या फायदा हुआ
मैने ऊपर के टेबल में जो आपको बताया उस लिस्ट को थोड़ा डिटेल में समझे:
- 2% फ्लैट रेट: शिक्षा, मेडिकल और टूर पैकेज के लिए टीसीएस रेट को 5% से कम कर अब सिर्फ 2% कर दिया गया है।
- ₹10 लाख की छूट: अब ₹10 लाख तक के ज्यादातर रेमिटेंस ट्रांजैक्शन पर कोई टीसीएस नहीं लगेगा सिर्फ (टूर पैकेज को छोड़कर)।
- एजुकेशन लोन: अगर आप किसी अच्छी बैंक से लोन लेकर पढ़ाई के लिए पैसा भेजते हैं, तो ₹10 लाख से ऊपर भी कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा।
इनका उद्देश्य: इस अमाउंट का इस्तेमाल कोई भी विदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, उपहार, दान, यात्रा, संपत्ति या शेयर खरीदने के लिए इस्तेमाल करना साथ में इन कामों को और बढ़ावा देना।
इस पोस्ट से पूरा जाने:- TCS क्या है? जानें TCS के प्रकार, दरें और नियम पूरी जानकारी (Tax Collected at Source)
कटे हुए TCS का रिफंड कैसे लें?
आपको ITR में क्या करना होता है? इसका सभी तरीका नीचे से समझाया हु ताकि आपका टैक्स बराबर रहें:
Form 26AS चेक करें: इसको देखें कि बैंक ने जो आपसे टीसीएस काटा वह आपके पैन नंबर पर जमा हुआ है या नहीं।
ITR फाइल करें: अपनी सालाना टैक्स देने के समय इस टीसीएस को एडजस्ट करें, और अगर आपका टैक्स कम बनता है, तो आप Income Tax Refund क्लेम कर सकते हैं, इससे ज्यादा कटा गया टैक्स आपको वापस मिल जाएगा।
ज़रूरी डॉक्यूमेंट: आप यह ट्रांजैक्शन बैंक से ही तो करेंगे तो बैंक से Form 27D (टीसीएस सर्टिफिकेट) ज़रूर लें।
इस पोस्ट से जाने:- ITR क्या है? ITR फाइल कैसे करें और जानें पूरी प्रक्रिया और नियम
कुछ ध्यान रखने वाली बातें आपके लिए
टीसीएस लिमिट का सही इस्तेमाल करें अगर संभव हो तो एक साल में ₹10 लाख की लिमिट के अंदर ही रेमिटेंस प्लान करें ताकि 2% या 20% जैसा भारी टीसीएस सरकार को न देना पड़े।
टूर पैकेज की प्लानिंग करें क्योंकि अब टूर पैकेज पर कोई थ्रेशोल्ड लिमिट नहीं है और सीधा 2% टैक्स है, तो आप यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है, आप कम टैक्स से बाहर घूमने का आनंद ले सकते है।
इन सब काम में डॉक्यूमेंट पर ध्यान देना सबसे जरूरी है जैसे बैंक पर पैन कार्ड जिस पर आपका टीसीएस का हिसाब हो, और ट्रांजैक्शन के समय सही कारण चुनना जरूरी है गलत होने पर इनकम टैक्स नोटिस आने का रिस्क हो सकता है।
इस पोस्ट से जाने:- Income Tax से Notice आ जाए तो क्या करें? जानें क्या करना चाहिए पूरी जानकारी
कुछ FAQs आपके लिए छोटे में जवाब
भारत से विदेश पैसा भेजने पर टैक्स लगता है क्या?
जी नहीं भारत से बाहर पैसा भेजने पर सीधे इनकम टैक्स नहीं लगता, लेकिन LRS के तहत TCS लगता है।
क्या TCS Final Tax है?
जी नहीं यह टीसीएस एडजस्ट होता है फाइनल आईटीआर जमा करने के समय।
क्या हर ट्रांसफर पर टीसीएस कटता है?
जी नहीं अब सालाना ₹10 लाख तक टीसीएस नहीं लगता, सिर्फ विदेशी यात्रा को छोड़कर।
कौन लोग LRS का फायदा नहीं ले सकते?
NRI या Foreign Citizens के लिए यह स्कीम नहीं है सिर्फ भारतीय नागरिक के लिए है।
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निष्कर्ष: भारत से विदेश पैसा भेजने पर टैक्स के बारे में
अंत में आपको बताना चाहूंगा कि भारत से विदेश पैसा भेजना अब पूरी तरह से टैक्स विभाग की निगरानी में है, लेकिन सबसे ज्यादा 20% टीसीएस सुनने में बड़ा लगता है, लेकिन सही जानकारी और समय पर आईटीआर फाइल करके आप अपने पैसे को सुरक्षित रख सकते हैं।
ध्यान रखें टैक्स नियम में हमेशा बदलाब होते रहते है इसीलिए हमेशा नया बजट पर नजर रखे, और यह पोस्ट केबल जानकारी के लिए है कोई भी फैसला लेने से पहले किसी टैक्स सलाहकार से सलाह जरूर ले।
में उम्मीद करता हूं की आपको भारत से विदेश पैसा भेजने पर टैक्स कितना लगता है? इस सवाल का सभी जवाब मिला है, अपने दोस्त और सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को शेयर कर उनको भी जानकारी लेने में मदद कीजिए।
अब इस पोस्ट से जाने:- क्या एक बार आईटीआर भरने पर हर साल रिटर्न भरना जरूरी है? जैसे एक बार टीसीएस कटा