हेलो दोस्तों अलीबाबा (Alibaba) या किसी और विदेशी वेबसाइट से सामान मंगाना सुनने में जितना आसान लगता है, उसकी ‘कस्टम ड्यूटी’ और ‘टैक्स कैलकुलेशन’ उतनी ही समझना जरूरी है।
अगर आप अलीबाबा (Alibaba) या किसी विदेशी सप्लायर से सामान इंपोर्ट (Import) करने की सोच रहे हैं तो जरा रुकिए, सामान की जो कीमत आपको वेबसाइट पर दिख रहा है, यह भारत पहुँचते पहुँचते वह काफी बढ़ सकती है, इसका कारण है Custom Duty और IGST।
आज तक के नए बजट और नियमों के अनुसार, इंपोर्टेड सामान पर टैक्स कैसे कैलकुलेट होता है, और क्या क्या बातें हो सकते है आज हम सब कुछ जानेंगे इसीलिए आप इस पोस्ट को लास्ट तक पढ़े, में आपको स्टेप बाय स्टेप सब कुछ समझाऊंगा।
इस पोस्ट में क्या क्या है?
सबसे पहले ‘Assessable Value’ (AV) को समझें
देखिए कस्टम ड्यूटी सामान की कीमत पर नहीं, बल्कि आपके Assessable Value पर लगती है।
Assessable Value: मतलब सामान की कीमत (Product Cost) + इंश्योरेंस (Insurance) + माल परिवहन (Freight/Shipping), और लोग इसे CIF (Cost, Insurance, Freight) वैल्यू भी कहते हैं।
इंपोर्ट पर लगने वाले सभी टैक्स
हमारे भारत में सामान इंपोर्ट करने के समय असल में तीन चीज़ें जुड़ती हैं:
- Basic Customs Duty (BCD): यह हर सामान के प्रकार (HSN Code) पर निर्भर करती है, आमतौर पर यह 0% से 20% के बीच में होता है, कुछ आइटम पर इससे भी ज्यादा भी हो सकता है।
- Social Welfare Surcharge (SWS): यह BCD का 10% होता है, याद रखें यह आपकी सामान का कीमत पर नहीं लगता, सिर्फ बेसिक कस्टम ड्यूटी का 10% लगता है।
- Integrated GST (IGST): यह भारत में सभी सामान पर लगने वाले जीएसटी रेट है जो (5%, 12% या 18%) के बीच में होता है।
ऊपर के बताए गए यह तीनों सभी समान पर लगता है बस टैक्स रेट अलग अलग होता है अब इंपोर्ट करने पर समान के टैक्स कैलकुलेशन को समझते है।
टैक्स कैलकुलेशन का लाइव उदाहरण
अब में आपको टैक्स कैलकुलेशन को टेबल में समझा रहा हूं, मान लीजिए आपने चीन से ₹10,000 का (शिपिंग और इंश्योरेंस मिलाकर) कोई आइटम मंगाया जिस पर BCD 10% और IGST 18% है:
| विवरण (Description) | कैलकुलेशन (Calculation) | राशि (Amount) |
| Assessable Value (AV) | — | ₹10,000 |
| Basic Customs Duty (BCD) | AV का 10% | ₹1,000 |
| Social Welfare Surcharge (SWS) | BCD का 10% (1000 का 10%) | ₹100 |
| वैल्यू जिस पर IGST लगेगा | AV + BCD + SWS | ₹11,100 |
| IGST (18%) | 11,100 का 18% | ₹1,998 |
| कुल टैक्स (Total Tax) | BCD + SWS + IGST | ₹3,098 |
| सामान की कुल लागत | ₹10,000 + ₹3,098 | ₹13,098 |
मैने यह बस आपको एक छोटा सा उदाहरण दिया कि IGST इंपोर्ट पर कैसे हिसाब होता है, यह कैलकुलेशन इस टेबल से भी बहुत ज्यादा हो सकता है, ₹5,000 के सामान पर शिपिंग कॉस्ट ₹15,000 लग सकता है, यह Sea (समुद्र) और Air (हवाई) दोनों का रेट अलग अलग है, इन सब जोड़ने के बाद इंडिया में BCD + SWS + IGST लगता है।
अलीबाबा (चीन) के लिए विशेष नियम: Anti-Dumping Duty
अब में आपको Anti-Dumping Duty (ADD) के बारे में बताना बताना चाहता हूं, भारत सरकार कुछ चीनी प्रोडक्ट्स (जैसे कुछ खास केमिकल्स, मशीनरी, स्टील) इन सब पर घरेलू उद्योगों को बचाने के लिए अतिरिक्त ‘Anti-Dumping Duty’ लगाती है, इस ड्यूटी से कभी कभी सामान की कीमत से भी ज़्यादा हो जाती है।
Dumping: का मतलब है जब कोई विदेशी कंपनी अपना सामान भारत में बहुत सस्ते (असली कीमत से भी कम या अपने देश से भी कम कीमत) में बेचती है इसे ही Dumping कहते हैं, यह एक एक्स्ट्रा टैक्स हैं।
ध्यान रखें: यह कस्टम ड्यूटी से अलग होता है, इसमें BCD + IGST के साथ एक्स्ट्रा लगता है इससे इंपोर्ट कॉस्ट बढ़ जाती है, भारत में यह Directorate General of Trade Remedies (DGTR) लागू करती है।
कुछ ज़रूरी डॉक्यूमेंट और नया नियम
IEC Code (Import Export Code): अगर आप कोई भी बिज़नेस के लिए सामान मंगा रहे हैं, तो IEC चाहिए, पर्सनल इस्तेमाल के लिए इस कोड की ज़रूरत नहीं होती, यह आईटम के क्वान्टिटी से पता चल जाता है।
GSTIN: बिज़नेस के लिए लाया गया सामान इंपोर्ट पर भरा गया IGST आप अपने Input Tax Credit (ITC) के रूप में क्लेम कर सकते हैं, इसके लिए जीएसटी नंबर जरूरी है।
KYC: सभी कोरियर कंपनी जैसे (DHL या FedEx) आपसे आपका आधार या पैन कार्ड मांगेगी ताकि वह आपके नाम पर कस्टम क्लीयरेंस करा सकें, इसीलिए आपको वह डॉक्यूमेंट उनको देना होगा।
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कुछ टैक्स बचाने के तरीके
ऐसे कुछ तरीके है जिनसे आप इंपॉर्ट सामान पर टैक्स बचा सकते है, सभी एक्सपर्ट लोग इन तरीका का इस्तेमाल करते है, आप वह भी जान लीजिए:
कस्टम को गिफ्ट (Gift) का झांसा न दें कई लोग सोचते हैं कि ‘Gift’ लिखकर आईटम मंगाने पर टैक्स नहीं लगता है, अब भारत में ₹5,000 से ऊपर के लगभग हर कमर्शियल शिपमेंट पर ड्यूटी लगती है, यह बात आप ध्यान रखें।
आईटम को सही से डिवाइड करें क्योंकि हर एक आईटम का एचएसएन कोड अलग अलग होता है और सभी जीएसटी इसी एचएसएन कोड पर लगता है, सामान मंगाने से पहले उसका सही HSN Code पता करें और ICEGATE वेबसाइट पर जाकर उस पर लगने वाली असली ड्यूटी को पहले चेक करें।
साथ में हो सके तो एक साथ ज्यादा सामान मंगाए इससे शिपिंग कॉस्ट कम लगता है और अपने सैलर से भी बात करें ताकि वह प्रोडक्ट का प्राइस कम करें और शिपिंग में कम कॉस्ट लगने का तरीका बताए।
सबसे जरूरी GST में ITC क्लेम करें मतलब आपने जो IGST इंपोर्ट के समय दिया है 5% या 18%, अगर आपके पास जीएसटी नंबर है तो आप आईटीसी क्लेम कर उस जीएसटी को वापस ले सकते है।
कुछ गलतियां नहीं करनी है: गलत HSN Code डालना IGST कम देने के लिए, प्रोडक्ट का प्राइस कम बताना और बिना जीएसटी रजिस्ट्रेशन के बिजनेस के लिए प्रोडक्ट इंपोर्ट करना, यह तीनों काम आपको नहीं करना है।
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(Toys) खिलौनों पर कस्टम ड्यूटी सबसे ज्यादा
भारत में खिलौनों पर भारी ड्यूटी लगता है जो सबसे ज़्यादा (70%) है, ताकि हमारे देशी प्रोडक्ट को बढ़ावा मिल सकें, अलीबाबा से खिलौने मंगाने से पहले इस कैलकुलेशन को ज़रूर कर लें।
साथ में इलेक्ट्रॉनिक्स और खिलौनों के लिए भारत में BIS (Bureau of Indian Standards) मार्क होना ज़रूरी है, बिना इस मार्क के कस्टम विभाग आपका सामान ज़ब्त कर सकता है, यह पॉइंट आपको में इसीलिए बता रहा हूं ताकी बाद में आपको नुकसान न हो।
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FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. Import क्या होता है?
जब आप China, USA या किसी भी देश से प्रोडक्ट मंगाते हैं इसे इंपोर्ट कहते हैं।
Q2. क्या Alibaba से सामान मंगाना legal है?
जी हाँ लेकिन जीएसटी और IEC नियम फॉलो करने होंगे।
Q3. क्या GST input credit मिल सकता है?
जी हाँ अगर आप जीएसटी में रजिस्टार्ट हैं, इसीलिए बिजनेस अगर आपको करना है तो पहले जीएसटी नंबर ले।
Q4. क्या हर product पर same tax लगता है?
जी नहीं हर HSN कोड के अनुसार टैक्स रेट बदलता है।
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निष्कर्ष: सामान इंपोर्ट पर भारत में टैक्स नियम
अंत में आपको कहना चाहूंगा की विदेश से सामान भारत मंगाने पर केवल प्रोडक्ट प्राइस ही नहीं बढ़ता, साथ में Custom Duty + GST भी देना पड़ता है, सही कैलकुलेशन और नियम को अच्छे से समझकर आप भारी नुकसान से बच सकते हैं।
जैसा की मैंने पहले बताया इंपॉर्ट पर प्रोडक्ट का प्राइस से कही ज्यादा रेट शिपिंग में हो सकता है यह आप ध्यान रखें, यह पोस्ट सिर्फ जानकारी के लिए है कही से भी समान मांगने से पहले पूरा डिटेल चेक करें क्योंकि स्कैम आजकल बहुत हो रहा है, सभी जांच कर अपना फैसला लीजिए।
में उम्मीद करता हूं की आपको इंपॉर्ट किए गए सामान पर भारत में आने के बाद कैसे टैक्स लगता है इनके बारे में जानकारी मिली है, अपने दोस्त और सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को शेयर कर उनको भी जानकारी लेने में मदद कीजिए।
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