भारत में हर नौकरी करने वाले कर्मचारी के लिए Provident Fund (PF) एक बहुत ही पैसे सेव रखने का जगह है, लेकिन जब कोई व्यक्ति पीएफ निकालना चाहता है खासकर 5 साल से पहले, तो कई बार TDS (Tax Deducted at Source) कट जाता है।
या फिर ₹50,000 से ज्यादा पैसा निकालने के समय में Form 15G का बात आता है, आज हम इसी पर बात करेंगे कि पीएफ निकालते समय टीडीएस कब लगता है, और Form 15G कब जरूरी होता है।
साथ में हम जानेंगे की आप अपने टैक्स का पैसा कैसे बचा सकते है, हम हर एक पॉइंट के बारे में बात करेंगे इसीलिए आप इस पोस्ट को लास्ट तक पढ़ें।
Table of Contents
PF क्या है?
PF का मतलब Provident Fund (EPF) है, यह काम करने वाले कर्मचारी के लिए एक सरकारी बचत योजना है, जिसमें हर महीने कर्मचारी के बेसिक सैलरी का 12% कंपनी काटकर पीएफ अकाउंट में जमा करते हैं।
और इस जमा किया पैसे का सरकार पेंशन भी देते है, इससे हर कर्मचारी को नौकरी के बाद या किसी भी समय जरूरत पड़ने पर कुछ पैसा एडवांस के रूप से निकालने में मदद मिलती है।
लेकिन जब बात आती है पैसा निकालने के समय कुछ टीडीएस काट लेता है, और वह पैसा इनकम टैक्स डिपारमेंट के पास जमा हो जाता है, अब हम टीडीएस पर बात करते है।
पीएफ निकालते समय टीडीएस कब लगता है?
TDS का मतलब है (Tax Deducted at Source), मतलब पैसा मिलने से पहले ही टैक्स काट लेना, पीएफ के मामले में भी टीडीएस काटने का नियम कुछ शर्तों पर लागू होता है, नीचे के टेबल से समझे:
| स्थिति | टीडीएस कटेगा |
| आपने 5 साल से पहले पीएफ निकाला | हाँ |
| आपने 5 साल या उससे ज्यादा काम किया | नहीं |
पीएफ पर टीडीएस कटने की शर्तें
- अगर आपकी नौकरी 5 साल से कम है।
- आप पीएफ का पैसा ₹50,000 से ज़्यादा निकाल रहे हैं।
- और आपने Form 15G या 15H जमा नहीं किया है।
यह तीन बात से जब आप कोई एक में आते है तो EPFO आपके पीएफ से टीडीएस काटेगा।
पीएफ पर टीडीएस की दरें
| स्थिति | टीडीएस दर |
|---|---|
| पैन कार्ड दिया है | 10% |
| पैन कार्ड नहीं दिया है | 34.608% टीडीएस |
| फॉर्म 15G या 15H दिया है और आप नियम के अंदर हैं | 0% (टीडीएस नहीं कटेगा) |
यहां पर पैन कार्ड देने का मतलब आप अपने UAN अकाउंट में पैन कार्ड सबमिट किया है, यह काम आपको बस एक बार करना होता है, बहुत ही आसान है आप अपना अकाउंट में लॉग इन कर KYC अपडेट में पैन कार्ड जमा कर सकते है अगर कंपनी आपका पैन जमा नहीं किया है तो।
Form 15G क्या होता है?
Form 15G एक Self-Declaration फॉर्म होता है, जो आप सरकार को यह बताने के लिए भरते हैं, कि मेरी पूरा इनकम आपके बनाए हुए टैक्स योग्य सीमा (₹2.5 लाख) से कम है, इसलिए मेरे पैसे पर टीडीएस मत काटो।
यह फॉर्म Income Tax Department द्वारा जारी किया गया है और EPFO इसे स्वीकार करता है ताकि आपका पीएफ विड्रॉल टैक्स फ्री रहे (अगर आप पात्र हों) तो, यह फॉर्म 15G आपको ऑनलाइन मिल जाएगा।
Form 15G भरने की शर्तें
पीएफ निकालते के समय फॉर्म 15 क्यों भरना है नीचे के टेबल से आपका पूरा क्लियर हो जाएगा:
| शर्त | विवरण |
|---|---|
| आयु | 60 वर्ष से कम |
| आय | ₹2.5 लाख से कम (non-taxable) |
| श्रेणी | Individual या HUF |
| स्थिति | पीएफ 5 साल से पहले निकाला जा रहा है |
| उद्देश्य | टीडीएस से बचने के लिए |
फॉर्म 15H कब भरना होता है?
आपको फॉर्म 15H तब भरना है जब आपकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक है, तब आपको Form 15G नहीं बल्कि Form 15H भरना होगा, दोनों का उद्देश्य एक ही है टीडीएस काटने से बचना।
और आपके जब 60 वर्ष से ऊपर हो जाएगा तब आपके इनकम 2.5 लाख नहीं तब 3 लाख की इनकम सीमा रखा गया है सालाना।
अगर आपने अलग अलग कंपनियों में काम किया है तो क्या होगा?
अब यह स्थिति को भी समझे जब आपने अलग अलग कंपनी में काम किया है मतलब आपने नौकरी बदली तब आपको हर बार पीएफ ट्रांसफर करना है नए पासबुक पर, क्योंकि तब आपका पूरा काम जोड़ा जाता है, ऐसे में 5 साल पूरे माने जाएंगे, और टीडीएस नहीं लगेगा।
लेकिन अगर आपने पीएफ ट्रांसफर नहीं कराया और हर कंपनी का पीएफ अलग अलग पड़ा है, तो हर पीएफ अकाउंट की नौकरी के समय अलग मानी जाएगी, ऐसे में जिस पीएफ में 5 साल पूरे नहीं हुए, उस पर टीडीएस कट सकता है।
एक उदाहरण से समझिए
| स्थिति | PF Taxable है? | Form 15G चाहिए? |
|---|---|---|
| 2 कंपनियों में 3+2 साल काम किया, पीएफ ट्रांसफर किया | नहीं | नहीं |
| 2 कंपनियों में 3+2 साल काम किया, पीएफ ट्रांसफर नहीं किया | हाँ | हाँ |
इस पोस्ट से जाने:- क्या टीडीएस डायरेक्ट टैक्स है? जाने डायरेक्ट टैक्स क्या है?
5 साल बाद पीएफ टैक्स फ्री क्यों हो जाता है?
इसका कारण Income Tax Act, 1961 की धारा 10(12) नियम के तहत, अगर किसी कर्मचारी ने लगातार 5 साल या उससे ज्यादा नौकरी की है, तो उसका पीएफ पूरी तरह टैक्स फ्री हो जाएगा।
देखिए EPF खाते में आपका जमा होता है और उस पर हर साल ब्याज (interest) मिलता है, अब सरकार ने कहा अगर आपने यह पैसा लंबे समय (5 साल या उससे ज्यादा) तक बचाकर रखा है, तो यह आपकी लंबे समय की बचत मानी जाएगी, और उस पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
तो पीएफ में 5 साल से पहले टैक्स क्यों लगता है? अगर कोई व्यक्ति 5 साल से पहले अपना पीएफ निकालता है, तो यह सरकार की नजर में “Early Withdrawal” कहलाता है, ऐसे में सरकार इसे इनकम मानती है।
और कहती है कि आपने यह पैसा जल्दी निकाल लिया, इसलिए टैक्स देना होगा, पीएफ का मकसद दीर्घकालिक बचत को बढ़ावा देना है, इसलिए सरकार ने इसे 5 साल तक जमा रखने वालों के लिए टैक्स में छूट दी है।
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Form 15G कैसे भरें? (Step-by-Step)
आपको Form 15G डाउनलोड करना है, बाद में प्रिंट करना है और कुछ जरूरी चीज डालना है नीचे से समझे:
- अपना नाम, पैन और स्थिति (Individual) लिखें
- Assessment Year (जैसे 2025-26) भरें
- एड्रेस और कॉन्टैक्ट डिटेल्स डालें
- इनकम डिटेल्स लिखें
- अंत में साइन करें और तारीख डाले
ऐसे और भी इस फॉर्म में आपको जो जरूरी लगे उसे डाले और पीएफ विड्रॉल करते समय इसे EPFO पोर्टल पर अपलोड करें।
फॉर्म 15G नहीं भरा तो भी टीडीएस रिफंड कैसे पाएं?
बहुत बार कई लोग पीएफ निकालते समय Form 15G भरना भूल जाते हैं, या EPFO से टीडीएस कट जाता है, लेकिन अगर आपकी कुल सालाना आय टैक्स फ्री लिमिट के अंदर है, तो घबराने की ज़रूरत नहीं है, आप Income Tax Return (ITR) भरकर वह कटा हुआ टीडीएस वापस ले सकते हैं।
एक उदाहरण से समझे: आपका सालाना इनकम 2 लाख है और आपने ₹60,000 का पीएफ निकाला और आपका 10% ₹6,000 ईपीएफओ ने टीडीएस काटा क्योंकि आपने फॉर्म 15G नहीं जमा किया, तब आप (आईटीआर – इनकम टैक्स रिटर्न) भरकर यह ₹6,000 वापस ले सकते है।
टीडीएस रिफंड पाने का Step-by-Step तरीका
- वित्त वर्ष के (1 अप्रैल से 31 मार्च) को ध्यान रखे, इस समय में आप आईटीआर फाइल कर सकते है।
- Form 26AS या AIS रिपोर्ट डाउनलोड करें इसमें दिखेगा कितना टीडीएस कटा है।
- Income Tax Portal पर लॉगिन करें।
- “File ITR” में अपनी आय और टीडीएस डिटेल (अमाउंट) सही से जमा करें।
- आईटीआर सबमिट करें कुछ हफ्तों के अंदर रिफंड आपके बैंक अकाउंट में आ जाएगा।
इस पोस्ट से जाने:- ITR क्या है? ITR फाइल कैसे करें और जानें पूरी प्रक्रिया और नियम
PF Transfer हुआ है या नहीं कैसे पता करें
- अपने UAN पोर्टल (https://unifiedportal-mem.epfindia.gov.in) में लॉगिन करें
- अब “Service History” में जाएं
- हर कंपनी की Date of Joining और Exit Date देखें
- अगर Exit Date किसी का पेंडिंग है तो वह डाले
- और “one member one epf account” टेब में जाकर नया पासबुक में ट्रांसफर करें
Form 15G और 15H में अंतर
फॉर्म 15G और 15H में अंतर को आप फिर से एक बार देख लीजिए नीचे के टेबल से ताकि आपका सभी सवाल खत्म हो जाए:
| विशेषता | Form 15G | Form 15H |
|---|---|---|
| उम्र सीमा | 60 साल से कम | 60 साल या उससे ज्यादा |
| इनकम सीमा | ₹2.5 लाख | ₹3 लाख (senior citizens) |
| लागू व्यक्ति | Individual/HUF | Senior citizens |
| उद्देश्य | टीडीएस से बचाव | टीडीएस से बचाव |
इस पोस्ट से जाने:- Income Tax क्या है? जाने सरकार क्यों हमसे टैक्स लेता है और इसकी क्या जरूरत है
अगर एक से दूसरे जॉब के बीच गैप हो और पीएफ बाद में ट्रांसफर किया जाए, तो क्या टीडीएस लगेगा?
अगर आपने जॉब बदलते समय पीएफ ट्रांसफर किया है और आपकी पूरा जॉब (पुरानी + नई कंपनी) मिलाकर 5 साल या उससे ज़्यादा हो गई है, तो टीडीएस नहीं लगेगा।
पीएफ को कभी भी ट्रांसफर करने से आपकी पूरी सेवा का हिसाब एक साथ जुड़ जाती है, भले ही बीच में कुछ महीनों का गैप हो।
अगर पीएफ का कुछ हिस्सा एडवांस बीच में निकाल लिया और बाद में पूरा 5 साल पूरा हुआ, तो क्या टीडीएस लगेगा?
नहीं अगर आपने EPFO के नियमों के अनुसार कुछ कारणों (जैसे घर खरीदना, बीमारी, शादी या पढ़ाई) से पीएफ का एडवांस निकाला है, तो उस पर कोई टीडीएस नहीं लगेगा।
और बाद में पीएफ को ट्रांसफर करके आपकी कुल सेवा 5 साल या उससे ज़्यादा हो गई है, तो पूरा पीएफ टैक्स फ्री हो जाता है।
अगर 5 साल पूरे हो गए हों, तो क्या Form 15G देना जरूरी है?
नहीं 5 साल की सर्विस लगातार ट्रांसफर होने के बाद भी पूरी हो जाने पर पीएफ विड्रॉल पर टीडीएस लागू नहीं होता, इसलिए फॉर्म 15G या 15H देने की जरूरत नहीं होती।
इस पोस्ट से जाने:- Tax और GST में क्या अंतर है? जानें आसान तुलना और पूरी जानकारी
कुछ महत्वपूर्ण सलाह
आप अपना पीएफ निकालने से पहले यह जरूर देखें कि:
- आपकी नौकरी की पूरा समय 5 साल से कम या ज्यादा है
- आपका पैन और आधार EPFO से लिंक है
- और अगर जरूरत है, तो फॉर्म 15G सही ढंग से डिटेल्स भरा गया है
- गलत जानकारी देने पर पेनल्टी या लीगल एक्शन भी हो सकता है
- हर बार अप्लाई करने पर नया फॉर्म भरना पड़ता है, यह पुराना वाला से नहीं होता
इससे आपका टीडीएस नहीं कटेगा और पूरा पीएफ का पैसा आपके खाते में आएगा।
निष्कर्ष (Conclusion)
अंत में अगर आपने 5 साल या उससे ज्यादा लगातार काम किया है और पीएफ ट्रांसफर कर लिया तो आपका पीएफ टैक्स फ्री है, आपको फॉर्म 15G की जरूरत नहीं है।
लेकिन अगर आप 5 साल से पहले पीएफ निकाल रहे हैं और वह भी ₹50,000 से ज्यादा, और आपकी कुल आय टैक्स योग्य सीमा से कम है, तो आपको फॉर्म 15G भरना जरूरी है ताकि टीडीएस न कटे।
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PF और TDS से जुड़े कुछ आम सवाल (FAQ)
Q1. क्या 5 साल पूरे होने के बाद पीएफ पर टैक्स लगता है?
जी नहीं 5 साल के बाद पीएफ पूरी तरह टैक्स फ्री हो जाता है।
Q2. अगर पीएफ ₹50,000 से कम है तो क्या टीडीएस लगेगा?
जी नहीं ₹50,000 से कम की निकासी पर आम तौर पर टीडीएस नहीं लगता।
Q3. क्या EPFO फॉर्म 15G ऑनलाइन लेता है?
जी हाँ आप इसे पीएफ विड्रॉल के समय EPFO पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं।
Q4. Form 15G हर साल भरना पड़ता है क्या?
जी नहीं केवल उसी फाइनेंशियल ईयर में देना होता है जब आप टीडीएस फ्री विड्रॉल चाहते हैं।
Q5. अगर मैंने पैन नहीं दिया तो क्या होगा?
EPFO 10% की जगह लगभग 34.608% टीडीएस काटेगा।
Q6. पीएफ ट्रांसफर करते समय भी क्या टीडीएस कटता है
जी नहीं पीएफ ट्रांसफर करने के समय टीडीएस नहीं कटता।
Q7. Uan और PF Number में क्या अंतर है
देखिए UAN आपका अकाउंट नंबर होता है जो चेंज नहीं होता है पूरा जीवन के लिए एक ही है, और PF एक पासबुक है जो हर कंपनी का अलग अलग बनती है आपके UAN के अंदर।
अब इस पोस्ट से जाने:- क्या एक बार आईटीआर भरने पर हर साल रिटर्न भरना अनिवार्य है? जैसे एक बार टीडीएस कटा