कृषि उत्पादों पर GST और आयकर नियम 2026: क्या आपकी कमाई टैक्स फ्री है? पूरी जानकारी

भारत एक कृषि प्रधान देश है, यहां पर ज़्यादातर लोग किसान और कृषि से जुड़े है, लेकिन जब बात GST (Goods and Services Tax) और आयकर (Income Tax) की आती है, तो थोड़े घबरा जाते हैं। 

क्योंकि बहुत से लोगों को लगता है कि खेती से जुड़ी हर चीज़ टैक्स फ्री है, लेकिन ऐसा नहीं है, और अगर टैक्स लगता है तो कब और किस सामान पर लगता है, इस पोस्ट में हम ऐसे सब सवाल का जवाब साफ साफ समझेंगे।

कृषि उत्पादों पर GST: कब छूट मिलती है और कब नहीं?

GST कानून के अंदर, “कृषि उत्पाद” उन्हें माना जाता है जो सीधे खेती, कटाई या पशुपालन से मिलता हैं और इनमें कोई बड़ी प्रोसेसिंग नहीं हुई हो, जिससे उनका प्राकृतिक रूप बदल जाए।

GST से छूट (Exempted Products):

​अगर उत्पाद अपनी प्राकृतिक अवस्था में है, जो किसान द्वारा सीधे बेचे जाएँ, तो उस पर 0% GST लगता है जैसे: 

  • ताज़ा फल और सब्जियां: बिना कटी या छिली हुई सब्जियां पूरी तरह टैक्स फ्री हैं।
  • अनाज और दालें: यदि वह खुले (Unbranded) बेचा जा रहे हैं।
  • दूध, अंडे और दही: अगर यह पैकेट और ब्रांडेड नहीं हैं।

जो चीज खेती से सीधे मिलते इसमें और भी चीज शामिल है कुछ उदाहरण जैसे गेहूं, धान, चावल (कच्चा), मक्का, दालें, सब्ज़ियाँ, फल, गन्ना, कच्चा दूध आदि।

दूध में भी अगर वह लिक्विड फॉर्म में बेचा जा रहा है तो वह जीएसटी फ्री है, इनपर टैक्स नहीं लगता लेकिन अगर वही मिल्क पाउडर के रूप में आप खरीद रहे है यह तो कंपनी बनती है तो वह टैक्सेबल है।

GST कब देना होगा? (Taxable Products):

प्रोसेस किए गए कृषि उत्पाद पर GST कब लगता है? यह भी जानना जरूरी है ​जैसे ही उत्पाद को प्रोसेस किया जाता है या ब्रांड नेम के साथ बेचा जाता है, उस पर जीएसटी लग जाता है:

  • ब्रांडेड चावल और आटा: यदि चावल या आटा किसी ब्रांड के नाम से पैकेट में बिक रहा है, तो उस पर 5% GST लगता है।
  • प्रोसेस्ड फूड: जैसे फ्रूट जूस, चिप्स, या डिब्बाबंद फल, इन पर 5% या 18% GST लगता है।

और भी जैसे फ्रोजन सब्ज़िया, पैक किया हुआ पनीर, प्रोसेस्ड फूड आइटम, इन पर GST 5% या 18% तक लग सकता है सभी (प्रोडक्ट पर निर्भर करता है), इस सरकारी लिंक से देख सकते है:- GST Rates

आयकर (Income Tax) में कृषि आय के नियम

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10(1) के तहत, भारत में कृषि आय को पूरी तरह से टैक्स फ्री (Exempt) रखा गया है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें रखी गई है जो पूरी होना ज़रूरी हैं।

तो कृषि आय क्या है? आयकर के नियम में केवल इन्हें कृषि आय माना जाता है, इसमें शामिल है:

​भारत में स्थित कृषि भूमि से मिले पैसे, ​कृषि कामों (जुताई, बुवाई, कटाई, कृषि मजदूरी) से होने वाली आय, ​खेत के पास के ‘फार्म हाउस’ से होने वाली आय (यदि वह खेती के काम आ रहा हो)।

कब लगता है टैक्स? (Partial Integration Rule)

देखिए भले ही कृषि से इनकम पर सीधा टैक्स न हो, लेकिन अगर आपकी कृषि के अलावा अन्य इनकम जैसे सैलरी या बिज़नेस पर ₹2.5 लाख से ज्यादा है और कृषि आय ₹5,000 से अधिक है, तो सरकार “Partial Integration” नियम से टैक्स की गणना करती है, इससे आपका टैक्स स्लैब बढ़ सकता है।

इस पोस्ट से जाने:- ऑनलाइन सामान बेचना है? आपके लिए GST के जरूरी नियम (सरल भाषा में समझें)

मुख्य अंतर एक नज़र में टेबल से समझे

लिस्टजीएसटी नियमआयकर (Income Tax) के नियम
कच्चा माल (Raw items)0% टैक्स (छूट)पूरी तरह टैक्स फ्री [धारा 10(1)]
प्रोसेस्ड या ब्रांडेड 5% से 18% जीएसटी व्यावसायिक आय मानी जाएगी
डेयरी उत्पादअनब्रांडेड पर छूटपशुपालन इनकम कुछ मामलों में टैक्सेबल है

इस पोस्ट से जाने:- सोने और चांदी पर GST कितना है? ज्वेलरी और मेकिंग चार्ज पर टैक्स नियम को जाने

क्या किसान को GST रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है?

सामान्य तौर पर किसान को GST रजिस्ट्रेशन नहीं कराना पड़ता है? जब तक किसान अपने उगाए हुए कृषि उत्पाद बेचता है।

और अगर वह किसी और टैक्सेबल सप्लाई में शामिल है तो उन्हें जीएसटी रजिस्ट्रेशन करना जरूरी है और जीएसटी रिटर्न नहीं भरना होता है।

इस पोस्ट से जान सकते है:- जीएसटी रजिस्ट्रेशन लिमिट 10/20 लाख और 20/40 लाख कौन सा सही है?

कृषि उत्पाद के परिवहन (Transport) पर GST

कृषि उत्पाद का ट्रांसपोर्ट भी जीएसटी फ्री है, चाहे सड़क से हो, रेल से या जहाज़ से, गुड्स ट्रांसपोर्ट एजेंसी (GTA) द्वारा कृषि उत्पाद ले जाने पर भी जीएसटी नहीं लगता।

इस पोस्ट से जाने:- जीरो सेल होने पर भी GST रिटर्न भरना है क्या? नहीं भरने पर कितनी पेनल्टी लगेगी?

निष्कर्ष: कृषि उत्पाद पर जीएसटी के बारे में

अंत में एक बार शॉर्ट में अगर आप सिर्फ खेती कर रहे हैं और कच्चा माल बेच रहे हैं, तो आप टैक्स निमयों से बाहर हैं, लेकिन अगर आप अपने उत्पादों की ब्रांडिंग और पैकेजिंग करके बेच रहे हैं, तो आपको जीएसटी और आयकर नियमों का सही से पालन करना होगा।

एक उदाहरण से समझे: अपने खेत से आलू को मंडी या स्टोर तक लेकर गए वह जीएसटी फ्री है, लेकिन अगर उन आलुओं से चिप्स बन गए और फिर उन्हें फैक्ट्री से ट्रांसपोर्ट किया जा रहा है, तो वह अब “कृषि उत्पाद” नहीं रहा और उस पर जीएसटी लगता है।

इसीलिए याद रखे कच्चे कृषि उत्पाद पर जीएसटी फ्री हैं तो आपको जीएसटी की चिंता नहीं करनी चाहिए, सही जानकारी से आप गलत जीएसटी चार्ज या भविष्य में जीएसटी नोटिस से बच सकते हैं।

में उम्मीद करता हूं की आपको क्या कृषि उत्पाद पर जीएसटी फ्री हैं? इस सवाल का जवाब मिला है, अपने दोस्त और सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को शेयर कर उनको भी जानकारी लेने में मदद कीजिए।

इस पोस्ट से जाने:- अगर जीएसटी रिटर्न देरी से फाइल करें तो इंटरेस्ट और लेट फीस कैसे कैलकुलेट होता है?

ध्यान रखे टैक्स और जीएसटी के नियम सरल नहीं है एक ही सामान पर कई नियम से टैक्स लगते है और कुछ टैक्स फ्री है, इसीलिए हमेशा नया जानकारी सरकार के ऑफिशियल साइट से लीजिए क्योंकि यह हमेशा बदलता रहता है, और जरूरत पड़े तो एक अच्छा सीए से सलाह भी लीजिए।

आपको कभी भी जीएसटी नंबर के जरूरत पड़ सकता है इसीलिए इस पोस्ट से जाने:- जीएसटी नंबर क्या है? जानें क्यों ज़रूरी है यह 15 अंकों का नंबर और इसके हर अंक का मतलब

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