क्या एक बार आईटीआर भरने पर हर साल रिटर्न भरना अनिवार्य है? जैसे एक बार टीडीएस कटा

एक आसान सवाल से समझे एक साल मेरा इनकम ज्यादा हुआ था या फिर मेरा एक बार टीडीएस कटा था, मैंने रिफंड ले लिया आईटीआर फाइल कर, और अब मेरी आय टैक्स सीमा से कम है, तो क्या अब मुझे हर साल आईटीआर file करना होगा?

इसका सीधा जवाब है नहीं, लेकिन इसके पीछे के कुछ नियम समझना बहुत ही जरूरी है, क्योंकि इनकम टैक्स रिटर्न कोई लोगों के लिए एक सालाना मुश्किल भरा काम होता है, और लोग इससे दूर रहना चाहते है।

आईटीआर फाइलिंग की अनिवार्यता के भ्रम बहुत लोग नहीं जानते है खासकर उनके लिए जिनकी कुल इनकम टैक्सेबल लिमिट से कम है, हम ऐसे सब सवाल पर बात करेंगे इसीलिए आप इस पोस्ट को लास्ट तक पढ़ें।

ITR फ़ाइल करने की अनिवार्यता क्या है?

भारतीय टैक्स नियम के अनुसार, आपको आईटीआर फाइल करना तभी अनिवार्य (Mandatory) होता है जब आपकी इनकम एक निश्चित सीमा से ऊपर हो जाता है, या आप कुछ विशिष्ट कैटेगरी के वित्तीय लेन देन करते है।

आपको एकबार आईटीआर फाइल करने के बाद अगले साल तब टैक्स रिटर्न करना अनिवार्य है, यदि आपका सकल कुल आय (Gross Total Income) नीचे दिए गए टेबल से ज्यादा होता है:

करदाता की श्रेणीआईटीआर फाइल करने के लिमिट
60 वर्ष से कम आयु₹2,50,000
60 से 80 वर्ष की आयु (सीनियर सिटीजन)₹3,00,000
80 वर्ष से अधिक आयु (सुपर सीनियर सिटीजन)₹5,00,000

अगर आपके पूरा सालाना इनकम (टीडीएस कटने से पहले या बाद) इन सीमा से कम है, तो आपको हर साल आईटीआर फाइल करने की जरूरत नहीं है।

हमने जो ऊपर टेबल दिया है वह पुराने टैक्स व्यवस्था है एक नया टैक्स व्यवस्था भी है जिसका अमाउंट सबके लिए ₹3,00,000 लाख से शुरू होता है, आप अपने हिसाब से कोई एक टैक्स व्यवस्था चुन सकते है।

अब नई टैक्स व्यवस्था डिफ़ॉल्ट हो गया है अगर आप पुराने को नहीं चुनते है, नए और पुराने टैक्स व्यवस्था को समझने के लिए यह पोस्ट पढ़ें:पुरानी और नई टैक्स व्यवस्था: कौन सी चुनें और कौन सी आपके लिए बेस्ट है? जानें पूरा गणित

टीडीएस (TDS) और ITR फाइलिंग का संबंध

देखिए TDS (Tax Deducted at Source) का मतलब है कि आपकी इनकम के पैसे देने वाले व्यक्ति या संस्था ने आपके पैसे पर पहले से ही टैक्स काटकर सरकार को जमा कर दिया है।

टीडीएस कटने का मतलब आईटीआर है क्या

सिर्फ इसलिए कि आपका टीडीएस कटा है, क्योंकि यह आपको आईटीआर फाइल करने के लिए मजबूर करता है, टीडीएस काटने वाले ने सिर्फ सरकार के बताए हुए कानूनी जिम्मेदारी को निभाई है।

अब आपका मुख्य उद्देश्य: जब आपका टीडीएस कटा है तो अब आपका उद्देश्य आईटीआर फाइल करना है, ताकि आप उस कटे गए टीडीएस को वापस पा सकें जो गलती से कट गया था या सच में आपकी आय टैक्स सीमा के अन्दर आता है।

  • जब आप आईटीआर फाइल करते हैं, तो आप अपना वास्तविक आय सरकार को दिखाते हैं।
  • तब सिस्टम देखता है कि आपका टैक्स देना (Tax Liability) जीरो है या बचा है।
  • अगर आपका टैक्स नहीं बनता और सरकार के पास टीडीएस के रूप में आपका कुछ पैसे जमा हैं।
  • तब यह अतिरिक्त सरकार के पास आपका जमा पैसा आपको रिफंड (Refund) के रूप में वापस कर दी जाती है।

अब क्या आपको अब हर साल आईटीआर फाइल करना होगा?

अब मान लीजिए आपने एक साल आईटीआर जमा किया अब आपको आगे हर साल आईटीआर फाइल करना है क्या, तो जवाब है नहीं आपको हर साल आईटीआर फाइल करने की कोई कानूनी बाध्यता नहीं है, लेकिन यह निर्णय कुछ बात पर निर्भर करता है:

स्थिति 1: जब आईटीआर फाइल करना अनिवार्य नहीं है (लेकिन उचित है)

अगर अगले साल भी आपकी इनकम टैक्स योग्य सीमा से कम रहती है, लेकिन आपका टीडीएस फिर से कट जाता है, तो आईटीआर फाइल करना कोई खास नियम नहीं है।

लेकिन आपका कटे गए टीडीएस का पैसा लेने के लिए आपको आईटीआर फाइल करना चाहिए, अगर आप आईटीआर फाइल नहीं करते हैं, तो आप टीडीएस के रूप में कटे हुए अपने पैसे पर दावा (Claim) नहीं कर पाएंगे, और वह राशि सरकार के पास जमा रह जाएगी।

इस पोस्ट से जाने:- Tax क्यों भरे? जाने टैक्स भरने के फायदे और नुकसान (Penalty aur Benefits)

स्थिति 2: जब आईटीआर फाइल करना अनिवार्य हो जाता है

अगर आपकी आय सीमा से कम है, फिर भी आप नीचे में से कोई भी एक काम करते हैं, तो आईटीआर फाइल करना नियम से जरूरी हो जाता है:

  1. आपने चालू खाते (Current Account) में ₹1 करोड़ या उससे ज्यादा की पैसा जमा की हो।
  2. आपने विदेश यात्रा पर ₹2 लाख या उससे ज्यादा खर्च किए हों।
  3. आपने एक वर्ष में ₹1 लाख या उससे अधिक का बिजली बिल चुकाया हो।
  4. कोई विदेशी इनकम या संपत्ति है

ऐसे और भी कई कारण है जब सरकार आपसे जानना चाहती है कि इतना लेन देन कैसे हो रहा है, तब आपको आईटीआर समय पर फाइल करने की जरूरत है।

जैसे अब अगर कोई अपना PF Withdrawal करने के समय ₹50,000 से ज्यादा अमाउंट निकालता है बिना फॉर्म 15G के तब भी टीडीएस लगता है, इनमें से बहुत लोग इनकम टैक्स स्लैब के अंदर नहीं आता है, वह भी ऐसे अपना पैसा को वापस लेने के लिए आईटीआर जमा करते है।

इस पोस्ट से समझे:- PF निकालते समय TDS कब लगता है? जाने कैसे निकाले टैक्स फ्री पीएफ और Form 15G

आईटीआर किन कारणों में भरा जाता हैं

आईटीआर जमा करने का 3 कारण है, नीचे से समझे:

  1. आपका टीडीएस कटा है, अब आप इसको वापस लेना चाहते है।
  2. आपके इनकम सरकार के बनाए हुए टैक्स स्लैब के अंदर आ रहे है।
  3. ऊपर जो हमने बताया एक करोड़ बैंक में जमा, विदेश यात्रा में 2 लाख से ज्यादा खर्च या 1 लाख से ज्यादा बिजली का बिल दिया हो।

इन तीन लिस्ट में आपको आईटीआर फाइल करने के जरूरत है, अगर आप आईटीआर फाइल करते है तो इन डॉक्यूमेंट से आप आगे बैंक से बड़े लोन या वीजा आपको आसानी से मिल जाएंगे।

इस पोस्ट से जाने:- ITR क्या है? ITR फाइल कैसे करें और जानें पूरी प्रक्रिया और नियम

निष्कर्ष: आपका निर्णय क्या होना चाहिए?

अंत में आपका टीडीएस कटा है और आपकी इनकम टैक्स सीमा से कम है तब रिफंड पाने और अपनी पैसे का कानूनी प्रमाण बनाने के लिए आईटीआर जमा करना है।

आपका टीडीएस नहीं कटा है और आपकी इनकम टैक्स सीमा से कम है तब आईटीआर फाइल करना जरूरी नहीं है, आप फाइल करने से बच सकते हैं।

और अगर आपकी इनकम टैक्स सीमा से ज्यादा है तब आईटीआर जमा करना कानूनी रूप से जरूरी है, नहीं तो आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से नोटिस भी मिल सकते है।

फिर भी एक बार आईटीआर फाइल करने का मतलब यह नहीं है कि आपने भविष्य में भी नहीं करना है जब तक आपकी आय कर योग्य सीमा से कम रहती है और आपका टीडीएस नहीं कटता है, तब तक आप स्वतंत्र हैं। 

लेकिन टीडीएस कटा है तो रिफंड लेने के लिए आईटीआर सबसे आसान और एकमात्र तरीका है। इस पोस्ट से पूरा जान सकते है:- TDS क्या है? जानें क्यों कटता है आपका पैसा और कैसे पाएं रिफंड, फॉर्म 26AS

मेरा सुझाव है कि आप अपने हर साल के इनकम को हिसाब करें और देखे कि आपका इनकम टैक्स स्लैब के अंदर आ रहा है कि नहीं, और अगर कही से टीडीएस कटा है तो फॉर्म 26AS में देख सकते है।

में उम्मीद करता हूं की आपको आईटीआर फाइल करना क्या हर साल जरूरी है? इस सवाल का सभी जवाब मिली है, अपने दोस्त और सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को शेयर कर उनको भी जानकारी लेने का मौका दीजिए।

अब इस पोस्ट से जान लीजिए:- Income Tax से Notice आ जाए तो क्या करें? जानें क्या करना चाहिए पूरी जानकारी

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