यह पोस्ट GSTIN कैंसिल क्यों होता है इसीलिए में बना रहा हु ताकि उन सभी व्यवसायों को मदद मिले, जिनका जीएसटीआईएन डिपार्टमेंट द्वारा कैंसिल कर दिया गया है, या वह खुद से इसे कैंसिल करवाना चाहते हैं।
इस मामले में इसके कई कारण हो सकता है, ऐसे होने से क्या नुकसान होगा और दोबारा आप चाहे तो एक्टिवेट करने की तरीका क्या होगी, यह सब हम इस पोस्ट पर बात करेंगे, इसलिए आप इस पोस्ट को लास्ट तक जरूर पढ़ें।
इस पोस्ट में क्या क्या है?
GST Number क्या हैं (GSTIN)?
जीएसटी भारत में आज आम बात हो गई है हर किसी को जीएसटी के बारे मैं थोड़ा बहुत जानकारी है, देखिए जब कोई अपना बिजनेस को शुरू करता है या फ्रीलांसिंग से इनकम करते है, और जब उनका इनकम सरकार के बनाया हुआ टैक्स स्लैब को पार कर जाती है तब वह जीएसटी के दायरे में आते है।
जीएसटी के दायरे में आने से आपको सरकार को अपने इनकम के टैक्स देना होगा, जो जो इनकम इनडायरेक्ट टैक्स के अंदर आता है उन इनकम के टैक्स जमा करने के लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन करना पड़ता है।
और एक बार जब आप जीएसटी रजिस्ट्रेशन कर लेते है तब आपको जो नंबर मिलता है उसे जीएसटी आइडेंटिफिकेशन नंबर (GST identification Number) बोलते है, इसे शॉर्ट फॉर्म में GSTIN कहते है।
जीएसटीआईएन लेना खास कर छोटे और मध्यम व्यवसायी, नए उद्यमी, अकाउंटेंट, फ्रीलांसर, ऑनलाइन सैलर इन सब के लिए जरूरी है।
GSTIN कैंसिलेशन क्या है?
देखिए जीएसटीआईएन नंबर मिलने के बाद जब आप सरकार के बनाए नियम का पालन नहीं करते है तब आपका जीएसटीआईएन कैंसिलेशन हो जाता है, या जब आप अपना बिजनेस को छोड़ देते है तब आप खुद से अपना जीएसटीआईएन को कैंसिल कर सकते है।
अगर जीएसटीआईएन कैंसिल कर दिया जाता है इसका भी कोई नुकसान है, और आप खुद से इसे कैंसिल करते है इसका भी कुछ फायदा है, और अगर किसी का रजिस्ट्रेशन कैंसिल हो जाए तो उसे क्या कदम उठाने चाहिए यह भी हम आगे बात करेंगे।
देखिए जीएसटी का मतलब है गुड्स एंड सर्विस टैक्स यह टैक्स अपने ग्राहक के लिया जाता है, और जीएसटीआईएन नंबर सभी गुड्स एंड सर्विस प्रोवाइडर के पास होता है, वह अपने ग्राहक से लिया हुआ जीएसटी को जमा अपना जीएसटीआईएन के मदद से करता है।
अगर उनका जीएसटीआईएन ही कैंसिल हो जाए तो उनका व्यापार बंद हो जाएगा, आगे ना तो वह कुछ खरीद पाएंगे और न हीं बेच पाएंगे, कुल मिलाकर जीएसटीआईएन कैंसिलेशन अब एक गंभीर स्थिति बन गया है, आपको इससे बचना चाहिए अपने बिजनेस को सही से चलाने के लिए।
GSTIN कैंसिलेशन एक गंभीर स्थिति
GSTIN आपके बिज़नेस का एक पहचान संख्या नहीं है, बल्कि यह जीएसटी कानूनों का पालन करने और टैक्स बेनिफिट्स लेने के लिए बहुत ज़रूरी नंबर है, अगर आपका जीएसटीआईएन कैंसिल हो जाए, तो यह आपके व्यवसा के लिए एक गंभीर स्थिति है और इसके कई बुरे नतीजे सामने आ सकते हैं।
एक बार जीएसटीआईएन कैंसिल होने पर, आप कानूनी रूप से जीएसटी के अंदर कोई भी लेन देन नहीं कर सकते, जिससे आपके बिज़नेस पर बुरा असर पड़ पड़ेगा, इससे बचने और निपटने के तरीकों को अब सरल भाषा में समझे।
आपका जीएसटी रजिस्ट्रेशन किन कारणों से कैंसिल हो सकता है?
जीएसटी रजिस्ट्रेशन कैंसिल होने के दो मुख्य तरीके हैं या तो आप खुद इसे कैंसिल करवाएं (अपने इच्छा से), या फिर जीएसटी अधिकारी अपने से इसे रद्द कर दें, आइए दोनों के कारण को समझते है:
अपने इच्छा से बंद करना (Voluntary Cancellation):
ऐसे कुछ कारण होते है जिससे व्यवसाय करने वाला खुद से अपना जीएसटीआईएन अकाउंट बंद कर सकते है इसको जाने पहले:
- व्यवसाय बंद करना: यदि आप अपना बिज़नेस पूरी तरह से बंद कर रहे हैं, या आगे इस नंबर की कोई जरूरत नहीं है।
- बिज़नेस का ट्रांसफर या मर्ज (Amalgamation or Merger): यदि आपका बिज़नेस किसी और कंपनी के साथ में मिल गया है या अपने बिज़नेस को किसी और को अपने बेच दिया है।
- टर्नओवर लिमिट से नीचे आना: यदि आपका सालाना टर्नओवर जीएसटी रजिस्ट्रेशन की असली सीमा, जो सामान के लिए ₹40 लाख और सेवाओं के लिए ₹20 लाख, कुछ राज्यों में यह ₹20 लाख और ₹10 लाख से नीचे आ गया है तो।
इन्हीं कुछ मामलों में आप अपना जीएसटी अकाउंट अपने से बंद कर सकते हैं, लेकिन याद रखे ऑनलाइन सामान बेचने बालों के लिए कोई लिमिट नहीं है जब तक आप सेल करेंगे तब तक आपको जीएसटीआईएन की जरूरत होगी।
अधिकारी द्वारा कैंसिल करना (Suo Motu Cancellation by Officer):
यह सबसे ज़्यादा चिंताजनक विषय है, जीएसटी विभाग कुछ कारणों से आपका रजिस्ट्रेशन रद्द कर सकता है जो नीचे दिया गया है:
- अपना रिटर्न लगातार फाइल न करना यह सबसे बड़े और आम वजह है, बहुत लोगों को अपना रिटर्न फाइल करना नहीं आता है, और कुछ लोग भूलकर या अपने मर्जी से कलेक्ट किया हुआ टैक्स जमा नहीं करते है।
- अगर आप नियमित डीलर हैं और लगातार 6 महीने तक अपना GSTR-3B रिटर्न फाइल नहीं करते हैं इस मामले में भी आपका रजिस्ट्रेशन कैंसिल हो जाएगा।
- अगर आप कंपोजिशन स्कीम वाले डीलर हैं और लगातार 2 तिमाही तक अपना GSTR-4 रिटर्न फाइल नहीं करते हैं तब भी आपका जीएसटीआईएन कैंसिल कर दिया जाएगा।
GST नियमों का गंभीर उल्लंघन करने से भी आपका अकाउंट पर संकट आ सकते है चलिए जानते है कि वह क्या क्या है:
- गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी का दावा करना)।
- बिना किसी असली सामान या सेवा की सप्लाई के गलत इनवॉइस (फर्जी बिल) जारी करना।
- जीएसटी कानूनों का कोई और बड़ा उल्लंघन करना।
और भी कुछ कारण है जो अगर जीएसटी विभाग को पता चलता है तो भी आपका अकाउंट बंद कर सकता है आईए नीचे से जानते है:
- व्यवसाय संचालन बंद करना: यदि जीएसटी विभाग को पता चलता है कि आपने अपना बिज़नेस बंद कर दिया है, लेकिन आपने उनको इनफॉर्म नहीं किया है।
- जीएसटी रजिस्ट्रेशन के समय गलत जानकारी: रजिस्ट्रेशन कराते समय आपने कोई गलत या झूठी जानकारी दी थी जिससे टैक्स नियम में आगे चलकर मुश्किलें खड़ी हो।
- फ्रॉड या टैक्स चोरी में शामिल होना: यदि विभाग को लगता है कि आप किसी फ्रॉड या टैक्स चोरी में शामिल हैं।
- सालाना रिटर्न फाइल न करना (GSTR-9): यदि आप सालाना रिटर्न GSTR-9 फाइल करने के लिए पात्र हैं और लगातार 3 वित्तीय वर्षों तक इसे फाइल नहीं करते हैं, तो भी अकाउंट बंद हो सकता है, हालांकि यह उतना आम कारण नहीं है पर संभव हो सकती है।
ऊपर हमने जितनी सारी बात की ऐसा गलती आप ना करे नहीं तो आपको जीएसटी विभाग से नोटिस भी मिल सकते है, वही अगर आपका जीएसटीआईएन कैंसिल हो गया है तो इसका क्या मुश्किल आपके सामने आएगा वह अब बात करते है।
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GSTIN कैंसिलेशन के क्या परिणाम होते हैं?
एक बार जब आपका जीएसटीआईएन कैंसिल हो जाए तो आपके बिज़नेस पर कई नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं चाहिए जानते है वह क्या क्या है:
- ITC (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का नुकसान: कैंसिलेशन होने के बाद के तारीख से आप किसी भी नई खरीद पर आईटीसी का दावा नहीं कर सकते।
- टैक्स इनवॉइस जारी न कर पाना: आप कानूनी रूप से जीएसटी टैक्स इनवॉइस जारी नहीं कर सकते, इसका मतलब है कि आपके ग्राहक आपसे खरीदा गया माल या सेवा पर आईटीसी क्लेम नहीं कर पाएंगे, जिससे वह आपसे डील करने से पीछे जा सकते हैं।
- टैक्स की वसूली: जीएसटी विभाग आपके ऊपर बचा हुआ सभी टैक्स जो आपने नहीं चुकाया है उनके ब्याज और जुर्माना के साथ भी वसूल कर सकता है।
- रिफंड क्लेम न कर पाना: एक बार जीएसटी कैंसिलेशन के बाद किसी भी नए जीएसटी रिफंड का दावा नहीं कर पाएंगे।
- बिज़नेस पर असर: आपका बिज़नेस कानूनी रूप से जीएसटी के नियम में काम करने के लिए अमान्य माना जाएगा, आप किसी भी जीएसटी पंजीकृत सप्लायर से डीलिंग के समस्या को सामना करेंगे, क्योंकि वह आपको जीएसटी इनवॉइस नहीं दे पाएंगे और इससे आपको आईटीसी नहीं मिलेगा।
- अंतिम रिटर्न (GSTR-10): आपको एक GSTR-10 फाइनल रिटर्न फाइल करना होगा, जिसमें आपको अपने स्टॉक में पड़े सामान या पूंजीगत वस्तुओं पर भी टैक्स चुकाना पड़ सकता है, जिन पर आपने पहले आईटीसी लिया था।
कुल मिलाकर एकबार आपका जीएसटी रजिस्ट्रेशन कैंसिल हो जाए तो आपके बिज़नेस पूरी तरह से बंद हो जाएगा, अब जीएसटी अकाउंट को दोबारा एक्टिवेट करने की तरीका पर बात करते है।
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कैंसिल किए गए GST रजिस्ट्रेशन को दोबारा एक्टिवेट कैसे करें?
यदि आपका जीएसटी रजिस्ट्रेशन अधिकारी से कैंसिल कर दिया गया है (मतलब आपने मर्जी से नहीं किया है), तो आप इसे दोबारा एक्टिवेट करने का प्रयास कर सकते हैं कुछ कामों का ध्यान रख कर:
- आवेदन करना: जीएसटी अधिकारी से कैंसिल किया गया अकाउंट को दोबारा एक्टिवेट करने के लिए आपको जीएसटी पोर्टल पर Form GST REG-21 में आवेदन करना होगा ताकि आपका अकाउंट आपको वापस मिल जाए।
- समय सीमा: यह आवेदन आप कैंसिलेशन ऑर्डर मिलने की तारीख से 90 दिनों के भीतर करना है, अगर आप इस समय सीमा को पार कर जाते हैं, तो दोबारा एक्टिवेट कराना बहुत मुश्किल हो सकता है।
- कारण और स्पष्टीकरण: आप आवेदन के साथ कैंसिलेशन के कारण को दूर करने का प्रमाण और स्पष्टीकरण दीजिए, उदाहरण के लिए यदि रिटर्न फाइल न करने के वजह से कैंसिल हुआ था, तो आपको सभी पेंडिंग रिटर्न फाइल करने और बचा हुआ टैक्स ब्याज और जुर्माने के साथ चुकाने का प्रमाण दीजिए।
- अधिकारी की जांच: जीएसटी अधिकारी आपके आवेदन और दिए गए डॉक्यूमेंट की जांच करेंगे, यदि वह संतुष्ट हुए कि आपने सभी नियमों का पालन कर लिया है और कैंसिलेशन का कारण दूर हो गया है, तो वह आपके रजिस्ट्रेशन को दुबारा एक्टिवेट कर देंगे।
- सुनवाई का अवसर: अगर अधिकारी आपके आवेदन से संतुष्ट नहीं होते हैं तो वे आपको अपनी बात रखने के लिए सुनवाई का अवसर दे सकते हैं।
अगर आपने अपके मर्जी से अकाउंट को बंद किया है, तो आप उसे दोबारा एक्टिवेट नहीं कर सकते, आपको नया रजिस्ट्रेशन ही कराना पड़ेगा, इसके लिए सेम प्रोसेस है जैसा नया लोग अपना जीएसटीआईएन नंबर लेते है, इसमें आपको कोई चार्ज या जुर्माना नहीं देना पड़ेगा।
आप ऊपर दिए गए यह सभी काम को करे ताकि आपका अकाउंट रिएक्टिव हो जाए, और आप अपने बिजनेस को अच्छे से चला सके।
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GSTIN कैंसिलेशन से बचने के लिए क्या करें? (रोकथाम)
आपका जीएसटीआईएन कैंसिल ही न हो क्योंकि यह एक गंभीर समस्या है, ऐसा समस्या आपको न झेलना पड़े क्योंकि इससे बचा जा सकता है कुछ आसान नियम को फॉलो कर आप अपना जीएसटी अकाउंट को सुरक्षित रख सकते हैं:
- समय पर रिटर्न फाइल करें: सबसे जरूरी कदम यह है कि आप अपने सभी जीएसटी रिटर्न (GSTR-1, GSTR-3B, GSTR-4 आदि) को तय समय सीमा के भीतर फाइल करना ना भूले, भले ही उस महीने या तिमाही में आपकी कोई बिक्री ना हुई हो आप अपना शून्य रिटर्न फाइल करें।
- नियमित अनुपालन: जीएसटी नियमों का ईमानदारी से पालन करें, गलत आईटीसी क्लेम करने या फर्जी इनवॉइस जारी करने जैसी गलतियों से बचें।
- विभाग से बात चीत: यदि आप अपना बिज़नेस बंद कर रहे हैं या अपने बिज़नेस का पता बदल रहे हैं, साथ में बिज़नेस के नियम में कोई बदलाव कर रहे हैं, तो तुरंत जीएसटी विभाग को सूचित करें और पोर्टल पर अपडेट करें।
- मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी अपडेट रखें: जीएसटी पोर्टल पर अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी हमेशा अपडेट रखें और अपने पास रखें, ताकि जीएसटी विभाग से कोई भी नोटिस, अलर्ट या सूचना जब भी आपको भेजा जाए तो तुरंत आपको पता चले।
- जीएसटी पोर्टल के अलर्ट पर ध्यान दें: जीएसटी पोर्टल और अपने ईमेल या एसएमएस पर आने वाले सभी अलर्ट और नोटिस को ध्यान से पढ़ें और उन पर तुरंत अपने बिजनेस पर लागू करें।
- जीएसटी विभाग से संपर्क करे: कोई भी चीज जो आपको पता नहीं चल रहा है या आपके साथ गलत हो रहा है तो तुरंत उनके साथ संपर्क करे ताकि अगर बाद में आपके साथ कुछ गलत हो तो आपको अपना पक्ष का सफाई दे सकते है।
जीएसटी विभाग के Help Desk का नंबर है 1800-103-4786 आप इस नंबर पर कॉल कर अपना परेशानी बता सकते है या Grievance Ticket Raise कर सकते हैं।
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निष्कर्ष: जीएसटीआईएन कैंसिल और एक्टिव और नियम के बारे में
आपका जीएसटीआईएन आपके बिज़नेस का एक पहचान नंबर है और जीएसटी इकोसिस्टम में काम करने के लिए इसका एक्टिव रहना बहुत ज़रूरी है।
जीएसटी नियम को नज़र अंदाज़ करने से न केवल कानूनी परेशानियाँ हो सकती हैं, बल्कि आपके बिज़नेस बंद होने जैसी गंभीर समस्या हो सकता है।
समय समय पर और सही नियम का पालन करना ही GSTIN कैंसिलेशन जैसी परिस्थितियों से बचने का सबसे अच्छा तरीका है, यदि आपका रजिस्ट्रेशन किसी कारणवश कैंसिल हो भी जाता है, तो तुरंत और सही तरीका को चुने जो हमने ऊपर आपको बताया और उसे दोबारा एक्टिवेट करने का प्रयास करें।
हमेशा याद रखें कि टैक्स नियम पर हर साल कुछ ना कुछ बदलाव होते रहते हैं, इसीलिए हमेशा नया नियम की ओर ध्यान रखें, और आपको अगर टैक्स के विषय पर कोई भी परेशानी हो तो हमेशा एक अच्छे टैक्स सलाहकार (CA) से संपर्क करें, वह आपको सही सलाह देंगे।
में उम्मीद करता हू कि जीएसटी रजिस्ट्रेशन कैंसिल क्यों होता है? इसके सभी तरीका और इससे बचने के सभी तरीका को अपने समझ लिया है, अपने दोस्त और सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को शेयर कर उनको भी जानकारी लेने का मौका दे।
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