भारत में LIC में इन्वेस्ट का सबसे भरोसेमंद जरिया माना जाता है, ज्यादातर लोग एलआईसी पॉलिसी इसलिए लेते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इसका पैसा पूरी तरह टैक्स फ्री होता है, लेकिन शायद आपको पता नहीं है कि पिछले कुछ सालों में इनकम टैक्स के नियमों में बड़े बदलाव हुए हैं?
अगर अगर आपके पास सही जानकारी नहीं है तो मैच्योरिटी के समय आपको अपनी जमा पूंजी पर मोटा टैक्स देना पड़ सकता है, अब आपका सवाल होगा कि LIC प्रीमियम, बोनस और मैच्योरिटी पर टैक्स लगता है या नहीं?
आज हम इस पोस्ट में एलआईसी पर टैक्स के नियम को बहुत आसान भाषा में समझेंगे इसीलिए आप।इस पोस्ट को लास्ट तक पढ़ें।
इस पोस्ट में क्या क्या है?
1. प्रीमियम पर टैक्स छूट (धारा 80C)
जब आप अपनी LIC पॉलिसी का प्रीमियम देते हैं, तो आपको टैक्स में Section 80C में टैक्स छूट मिलती है:
- Old Tax Regime: इसे चुनने पर आपको धारा 80C के तहत साल में ₹1.5 लाख तक के प्रीमियम पर टैक्स बचा सकते हैं।
- New Tax Regime: नई टैक्स व्यवस्था में प्रीमियम पर कोई टैक्स छूट नहीं मिलती है।
इसका एक शर्तें है: Sum Assured का 10% तक सालाना प्रीमियम होना चाहिए (पुरानी पॉलिसी में 20%), अगर प्रीमियम ज्यादा है तो पूरी छूट नहीं मिलेगी, इनपर हम आगे बात करेंगे।
2. मैच्योरिटी पर टैक्स (धारा 10(10D))
एलआईसी की सबसे बड़ी खासियत यह है की ज्यादातर टैक्स फ्री मैच्योरिटी होता है, लेकिन इसके लिए दो बड़ी शर्तें पूरी होनी चाहिए:
(A) 10% वाला नियम: अगर आपकी पॉलिसी 1 अप्रैल 2012 के बाद ली गई है, तो उसका सालाना प्रीमियम (Annual Premium) पूरा बीमा राशि (Sum Assured) के 10% से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
एके उदाहरण से समझे: अगर आपका बीमा ₹10 लाख का है और प्रीमियम ₹1 लाख से कम है, तो पैसा टैक्स फ्री होगा, अगर प्रीमियम ₹1.2 लाख है, तो मैच्योरिटी पर टैक्स लगेगा।
(B) ₹5 लाख प्रीमियम की नई लिमिट: सरकार ने 1 अप्रैल 2023 के बाद में लिया गया पॉलिसियों के लिए एक नया नियम जोड़ा है, अब अगर आपकी सभी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियों का कुल सालाना प्रीमियम मिलकर ₹5 लाख से ज्यादा है, तो मैच्योरिटी के बाद होने वाली कमाई पर आपको अपने टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स देना होगा।
3. डेथ क्लेम (Death Claim) हमेशा टैक्स-फ्री है
भगवान न करे अगर किसी कारण बस पॉलिसी होल्डर की मृत्यु हो जाती है और पैसा उसके परिवार (Nominee) को मिलता है, तो वह पैसा पूरी तरह टैक्स फ्री होती है, इसमें प्रीमियम की 10% राशि या ₹5 लाख वाली कोई भी लिमिट लागू नहीं रहेगी।
LIC टैक्स नियम एक नज़र में टेबल
| स्थिति | टैक्स के नियम | टैक्स की दर |
| प्रीमियम भुगतान | 80C में छूट (सिर्फ Old Regime में) | ₹1.5 लाख तक |
| मैच्योरिटी (प्रीमियम 10% से कम बीमा राशि) | पूरी तरह टैक्स फ्री | 0% |
| मैच्योरिटी (प्रीमियम ₹5 लाख से ज्यादा साल) | प्रॉफिट पर टैक्स लगेगा | स्लैब रेट के अनुसार |
| डेथ क्लेम (Nominee को मिला पैसा) | पूरी तरह टैक्स फ्री | 0% |
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LIC में Old और New Tax Regime
| Point | Old Regime | New Regime |
| 80C छूट | हां | नही |
| Maturity Tax Free | कुछ शर्तों पर | कुछ शर्तों पर |
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TDS नियम LIC में
सावधान मैच्योरिटी के समय मिलने वाले पैसे पर Section 194DA पर टीडीएस लग सकता है, अगर आपकी पॉलिसी में धारा 10(10D) की शर्तों (जैसे 10% वाला नियम) को पूरा नहीं करती है, तो LIC पैसा देते समय उस पर TDS काटती है।
TDS कब कटता है?: अगर मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरा पैसा ₹1,00,000 से ज्यादा होता है और अगर वह टैक्स फ्री नहीं है।
TDS की दर: मैच्योरिटी राशि में से आपके द्वारा जमा किए गए कुल प्रीमियम को कम के बाद जो नेट प्रॉफिट (Net Income) बचता है, उस पर 5% टीडीएस काटा जाता है।
PAN कार्ड ज़रूरी: अगर आपने LIC में अपना PAN कार्ड अपडेट नहीं कराया है, तो कर लीजिए नहीं तो यह TDS 20% काट सकता है।
टीडीएस कैलकुलेशन का उदाहरण: मान लीजिए राम की पॉलिसी टैक्स फ्री नहीं थी (क्योंकि प्रीमियम 10% से ज़्यादा था)।
- कुल मैच्योरिटी मिली: ₹6,00,000
- कुल प्रीमियम भरा था: ₹4,00,000
- शुद्ध मुनाफा (Income): ₹2,00,000
- TDS (5% of ₹2L): ₹10,000 काटा जाएगा।
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FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. क्या 5 लाख से ऊपर के प्रीमियम पर पूरी राशि टैक्स के दायरे में आती है?
जी नहीं सिर्फ उस अमाउंट पर टैक्स लगता है जो आपके निवेश से ऊपर का मुनाफा (Interest/Bonus) आया है, आपका मूल इन्वेस्ट टैक्स फ्री रहता है।
Q2. क्या पुरानी LIC पॉलिसियों पर ₹5 लाख वाला नियम लागू है?
जी नहीं यह नियम सिर्फ 1 अप्रैल 2023 के बाद खरीदी गई पॉलिसियों पर ही लागू होता हैं, पुरानी पॉलिसियों पर पुराने नियम ही चलेंगे।
Q3. क्या पॉलिसी लेने पर अब जीएसटी लागू है?
जी नहीं 2025 के बाद से सरकार ने सभी पॉलिसी पर जीएसटी लेना बंद कर दिया है।
56वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद अब आपको प्रीमियम पर कोई 18% टैक्स नहीं देना होगा, इससे आपकी सेविंग काफी बढ़ जाएगी।
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Q4. LIC Bonus पर टैक्स कैसे लगता है?
LIC से मिलने वाला बोनस भी मैच्योरिटी का हिस्सा माना जाता है, इसीलिए अगर मैच्योरिटी टैक्स फ्री है तो बोनस भी टैक्स फ्री और अगर मैच्योरिटी टैक्सेबल है तो बोनस भी टैक्सेबल है।
Q5. LIC Policy पर 20% वाला टैक्स नियम
एलआईसी पॉलिसी में 20% वाला नियम उन पॉलिसियों पर लागू होता है जो 31 मार्च 2012 के पहले खरीदी गई थीं, उनपर अगर 20% से ज्यादा प्रीमियम था तो मैच्योरिटी टैक्स फ्री नहीं है।
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निष्कर्ष:
अंत में एलआईसी आज भी टैक्स बचाने का एक बेहतरीन ऑप्शन है, सिर्फ आप सही प्रीमियम और बीमा राशि का चुनाव करें, अगर आप ₹5 लाख से कम सालाना प्रीमियम वाली पॉलिसी लेते हैं।
और आपका प्रीमियम बीमा राशि के 10% के अंदर है, तो मैच्योरिटी होने पर आपको एक भी रुपया टैक्स नहीं देना होगा, एलआईसी में डेथ क्लेम हमेशा टैक्स फ्री रहता है और ज्यादातर मैच्योरिटी भी टैक्स फ्री होती है।
एक टिप: पॉलिसी खरीदने से पहले अपनी पॉलिसी के बॉन्ड को ध्यान से देखें और उनकी टर्म्स और कंडीशन को पढ़ें ताकि आपका ‘Sum Assured’ आपके प्रीमियम का कम से कम 10 गुना हो।
में उम्मीद करता हूं कि आपको पता चल है एलआईसी और इनकम टैक्स के बीच क्या आपका पैसा सुरक्षित और टैक्स फ्री है? अपने दोस्तों और सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को शेयर कर उनको भी जानकारी लेने में मदद कीजिए।
यह जानकारी केवल शिक्षा के उद्देश्य से है, इनकम टैक्स के नियम हर साल बदलते रहते हैं, इसलिए किसी भी इन्वेस्ट या टैक्स फाइलिंग से पहले अपने टैक्स सलाहकार (CA/Tax Expert) से सलाह ज़रूर ले।
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