नया साल शुरू हो चुका है और इसी के साथ शुरू होती है हमारी टैक्स प्लानिंग, हम सभी चाहते हैं कि हम अपनी मेहनत की कमाई का ज़्यादा से ज़्यादा हिस्सा बचा सकें, भारत के इनकम टैक्स कानूनों में कुछ ऐसी तरीका हैं, जिन पर आपको एक रुपया भी टैक्स नहीं देना पड़ता।
हर साल इनकम टैक्स से जुड़े नियमों में कुछ बदलाव होता रहता है, लेकिन कुछ इनकम ऐसी होती हैं जिन पर भारत सरकार टैक्स नहीं लगाती, आज हम इस पोस्ट में जानेंगे की हमारे लिए टैक्स फ्री इनकम के सभी लिस्ट कौन कौन सी है।
अगर आप भी जानना चाहते हैं कि वह कौन से कानूनी तरीके हैं जिनसे आप असल में अपनी इनकम को टैक्स फ्री रख सकते हैं, तो आप यह पोस्ट लास्ट तक पढ़ें यह आपके लिए है।
इस पोस्ट में क्या क्या है?
1. खेती से होने वाली कमाई (Agricultural Income)
हमारा भारत एक कृषि प्रधान देश है, यहां का ज्यादा लोग खेती पर निर्भर रहता है इसलिए Section 10(1) में खेती से होने वाली इनकम पूरी तरह से टैक्स फ्री है, इसमें खेती की ज़मीन से मिलने वाला किराया भी शामिल है।
एग्रीकल्चर इनकम (कृषि से कमाई) यह इनकम स्टेट गवर्नमेंट के दायरे में आती है और सेंट्रल गवर्नमेंट से भी टैक्स में छूट है, मतलब भारत में खेती से आई हुई पैसा पूरी तरह से टैक्स फ्री है।
ध्यान दें: कृषि से संबंधित बिज़नेस में टैक्स लगता है जैसे (कंपनी आलू का चिप्स बनकर सेल करता है), और अगर आपकी खेती की इनकम के साथ दूसरा बिजनेस इनकम भी आती है, और वह टैक्स स्लैब के अंदर है तो टैक्स कैलकुलेशन कर टैक्स देना होता है।
इस पोस्ट से पूरा जाने:- कृषि उत्पादों पर GST और आयकर नियम: क्या आपकी कमाई टैक्स फ्री है? पूरी जानकारी
2. पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)
टैक्स बचाने के लिए PPF आज भी सबसे जनप्रिय रास्ता है, इसमें इन्वेस्ट की गई पैसा ₹1.5 लाख हर साल, उस पर मिलने वाला ब्याज (Interest) और मैच्योरिटी के समय मिलने वाला पैसा, तीनों पूरी तरह टैक्स फ्री होते हैं यह EEE (Exempt-Exempt-Exempt) कैटेगरी में आता है।
3. एम्पलाई प्रोविडेंट फंड (EPF)
ईपीएफ से मिलने वाली अमाउंट, 5 साल से ज्यादा समय तक नौकरी करने के बाद निकाले गए EPF के पैसे पूरे टैक्स फ्री होते हैं, अगर आप ईपीएफ को नौकरी बदलते समय पासबुक का पैसा ट्रांसफर करते हैं तो भी टैक्स नहीं लगता।
इस पोस्ट से पूरा जाने:- PF निकालते समय TDS कब लगता है? जाने कैसे निकाले टैक्स फ्री पीएफ और Form 15G
4. सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)
अगर आपकी बेटी है और आपने उसके नाम पर यह (SSY) अकाउंट खुलवाया है, तो इस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी होने पर अमाउंट पूरी तरह टैक्स फ्री है, भी यह EEE (Exempt-Exempt-Exempt) कैटेगरी में आता है।
इसमें आप एक वित्त वर्ष में कम से कम ₹250 और ज्यादा से ज्यादा ₹1.5 लाख तक जमा करना हैं, EEE का फायदा लेने के लिए। इसमें रखा गया पैसा (80C के तहत), सालाना मिलने वाला ब्याज और बेटी के 21 साल के होने पर मिलने वाला मैच्योरिटी अमाउंट, तीनों पूरी तरह से 100% टैक्स फ्री हैं।
इस पोस्ट से जाने:- टैक्स की दुनिया में EEE (Investment-Interest-Maturity) क्या है? पूरी जानकारी सरल भाषा में
5. शादी में मिलने वाले गिफ्ट्स (Gifts on Marriage)
इनकम टैक्स के नियमों के अनुसार, शादी के अवसर पर रिश्तेदारों या दोस्तों से मिलने वाले तोहफे या कैश पूरी तरह टैक्स फ्री होते हैं, इसकी कोई लिमिट नहीं है।
6. विरासत या वसीयत में मिला पैसा (Inheritance)
अगर आपको अपने माता पिता या पूर्वजों से वसीयत (Will) के जरिए कोई संपत्ति, गहने या कैश मिलता है, तो उस पर आपको कोई टैक्स नहीं देना होता, लेकिन बाद में उस संपत्ति को बेचने पर कैपिटल गेन्स टैक्स लग सकता है।
7. शेयर मार्केट से कमाई (LTCG Limit)
अगर आप शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड में लंबे समय तक (1 साल से ज़्यादा) के लिए इन्वेस्ट करते हैं, तो ₹1.25 लाख तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) प्रॉफिट टैक्स फ्री है, (यह सीमा हालिया बजट के अनुसार अपडेटेड है), इसमें ₹1.25 लाख के ऊपर के लाभ पर 12.5% के अनुसार टैक्स लगता है।
ध्यान रखे: Debt Mutual Funds इन पर कोई LTCG बेनिफिट नहीं मिलता, चाहे आप इन्हें 5 साल बाद ही क्यों न बेचें, यह प्रॉफिट आपकी इनकम के साथ हिसाब होगा और आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगेगा।
8. ग्रेच्युटी (Gratuity) से मिला पैसा
अगर आपने किसी कंपनी में 5 साल से ज़्यादा काम किया है, तो रिटायरमेंट या जॉब छोड़ने पर मिलने वाली ग्रेच्युटी एक लिमिट तक टैक्स फ्री है, इनकम टैक्स की धारा 10(10) के तहत प्राइवेट कर्मचारियों के लिए यह लिमिट ₹20 लाख तक है।
मतलब ₹20 लाख से ऊपर जितना आपको ग्रेच्युटी मिलेगा उतने पर आपको टैक्स देना होगा, और सरकारी कर्मचारी के लिए ग्रेच्युटी लिमिट ₹25 लाख तक टैक्स फ्री है।
इस पोस्ट से जाने:- टैक्स नियम में धारा 44AD और 44ADA क्या हैं? 50% टैक्स (अनुमानित कराधान योजना)
9. स्कॉलरशिप (Scholarships) से मिले पैसे
धारा 10(16) पढ़ाई के खर्च को पूरा करने के लिए मिलने वाली किसी भी तरह की स्कॉलरशिप (चाहे सरकारी हो या प्राइवेट) इन पर इनकम टैक्स नहीं लगता है।
और भारत सरकार या किसी मान्य संस्था से दी गई स्कॉलरशिप में टैक्स से नहीं लगता है, जैसे MHRD, UGC आदि से मिलने वाली स्कॉलरशिप के पैसे पर।
10. जीवन बीमा की मैच्योरिटी (Life Insurance Maturity)
Section 10(10D) मे लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी की मैच्योरिटी होने पर मिलने वाला पैसा टैक्स फ्री होता है, बस एक नियम है आपका सालाना प्रीमियम पॉलिसी की कुल वैल्यू (Sum Assured) के 10% से ज़्यादा न हो, और 2023 के बाद 5 लाख से कम सालाना प्रीमियम होना चाहिए।
एक उदाहरण से समझे: आपका पॉलिसी का बीमा (Sum Assured) ₹10 लाख है, और सालाना प्रीमियम ₹80,000 है, तो ₹10 लाख का 10% होता है ₹1,00,000, यह सालाना ₹80,000 से कम है इसीलिए टैक्स फ्री है।
डेथ क्लेम (Death Claim): अगर पॉलिसी होल्डर की मृत्यु हो जाती है, तो नॉमिनी को मिलने वाला पैसा हमेशा 100% टैक्स फ्री होता है, इसमें प्रीमियम की अमाउंट या ₹5 लाख वाली कोई भी लिमिट लागू नहीं होती।
इस पोस्ट से जाने:- LIC मैच्योरिटी टैक्स फ्री है या नहीं? जानें 10% और ₹5 लाख वाला नया नियम
11. NRE Account का ब्याज (NRI के लिए)
अगर आप NRI हैं, तो आपके NRE Account पर आया पैसा और उससे मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स फ्री होता है।

विदेशी मुद्रा का लाभ: इसमें पैसा विदेश से आता है, विदेशी करेंसी का लेन देन अच्छा बनाए रखने के लिए सरकार इसे टैक्स फ्री रखती है।
ब्याज पर छूट: भारत के बैंकों में जमा अन्य पैसों (जैसे NRO अकाउंट) पर टैक्स लगता है, लेकिन NRE अकाउंट के ब्याज पर कोई TDS नहीं कटता।
इस पोस्ट से पूरा जाने:- विदेश से पैसे आए तो क्या भारत में टैक्स देना पड़ता है? पूरी जानकारी
12. Voluntary Retirement Scheme (VRS) Compensation
VRS (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) में मिलने वाला मुआवजा वह पैसा है जो किसी कर्मचारी को समय पूरा होने से पहले रिटायरमेंट लेने पर कंपनी से दिया जाता है, इनकम टैक्स की धारा 10(10C) के तहत ₹5,00,000 तक की टैक्स छूट मिलती है, और खास बात यह है कि इसका लाभ ओल्ड और न्यू दोनों टैक्स रिजीम में लागू है।
इस टैक्स फ्री छूट का लाभ लेने के लिए कर्मचारी की उम्र कम से कम 40 साल या फिर काम में 10 साल पूरे होने चाहिए, आपको यह ध्यान रखना है कि ₹5 लाख की यह टैक्स छूट पूरे जीवन काल में सिर्फ एक बार ही क्लेम कर सकते है, इसलिए रिटायरमेंट में इसका प्लानिंग सही नियम से इस्तेमाल करना बहुत फायदेमंद होता है।
13. सैलरी पर मिले HRA का फायदा
टैक्स एक्जेम्प्शन में HRA (House Rent Allowance) सेक्शन 10(13A) में सिर्फ ओल्ड टैक्स रिजीम में कुछ टैक्स फ्री होता है
यहां पर किराया पर टैक्स छूट मिलते है जिसकी गणना आपके चुकाए गए असली किराया और सैलरी के आधार पर हिसाब की जाती है, इसीलिए प्रॉपर डॉक्यूमेंट रखें।
इस पोस्ट से जाने:- टैक्स डिडक्शन और टैक्स एक्जेम्प्शन में अंतर को समझे? टैक्स बचाने के लिए
14. नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) का फायदा
धारा 87A रिबेट अगर आपकी सालाना कुल कमाई सैलरी से ₹12.75 लाख है तक है, तो नई टैक्स व्यवस्था के तहत ₹75,000 की मानक कटौती (स्टैंडर्ड डिडक्शन) के साथ आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा।
इस पोस्ट से जाने:- पुरानी और नई टैक्स व्यवस्था: कौन सी चुनें और कौन सी आपके लिए बेस्ट है? जानें पूरा गणित
टैक्स फ्री इनकम की एक झलक (Table)
| इनकम का स्रोत | टैक्स की स्थिति |
| कृषि से आय | 100% टैक्स फ्री |
| PPF का ब्याज | 100% टैक्स फ्री |
| ₹1.25 लाख तक शेयर प्रॉफिट | टैक्स फ्री |
| पढ़ाई की स्कॉलरशिप | 100% टैक्स फ्री |
| रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट | टैक्स फ्री |
हमारे सरकार ने इसीलिए कुछ इन्वेस्ट पर टैक्स फ्री रखा है ताकि लोग इनपर इन्वेस्ट करें और अपने भविष्य को अच्छा बनाएं, नहीं तो लोग इनपर क्यों इन्वेस्टमेंट करते, जीएसटी के 56 बैठक पर लाइफ इंश्योरेंस पर टैक्स फ्री किया है।
इस पोस्ट से जाने:- 56वीं GST बैठक के बाद 40% किन वस्तुओं और सेवाओं पर लग रहा है? पूरी जानकारी 2025
कुछ कमियाँ या धोखा न खाएं
कुछ बात का ध्यान रखें Crypto Income, Betting, Lottery इन सब इनकम पर टैक्स लगता है, और Freelancer Income, Rent, Interest से मिले पैसे इन सब भी टैक्सेबल इनकम होता हैं।
कुछ जरूरी बातें ध्यान रखें
टैक्स फ्री कमाई कौन कौन सी है यह तो आपने जाना अब कुछ जरूरी बात, देखिए टैक्स फ्री का मतलब पूरी तरह छूट तभी है जब आप टैक्स नियमों को ठीक से फॉलो करें।
इसीलिए अपने इनकम को सही कैटेगरी में डालना जरूरी है, भविष्य में कोई परेशानी ना हो इसीलिए हर इनकम के डॉक्यूमेंट प्रूफ रखें ताकि जरूरत पड़ने पर काम आए।
इस पोस्ट से जाने:- भारत में सरकार की नज़र में कितने प्रकार की कमाई होती है? पूरी जानकारी
FAQs: टैक्स फ्री इनकम
Q1: क्या FD पर मिलने वाला ब्याज टैक्स फ्री है?
जी नहीं FD से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल होता है।
Q2: क्या बिटकॉइन की कमाई टैक्स फ्री है?
जी नहीं भारत में क्रिप्टो इनकम पर 30% टैक्स लगता है।
Q3: ₹50,000 से ज्यादा का गिफ्ट टैक्स फ्री कब होता है?
अगर वह पैसा करीबी रिश्तेदारों से मिला हो या शादी के अवसर पर मिला हो।
Q4. EEE (Exempt-Exempt-Exempt) क्या है?
भारत सरकार के नियम में EEE का मतलब है वह इन्वेस्ट जिसमें जमा राशि या उस पर मिलने वाले ब्याज और मैच्योरिटी के समय मिलने वाले पैसे पर कोई टैक्स नहीं लगता।
इस पोस्ट से पूरा जाने:- भारत में क्रिप्टोकरेंसी पर टैक्स कैसे लगता है? जानें VDA के नियम, TDS, ITR और टैक्स बचाने के तरीके (पूरी गाइड)
निष्कर्ष: टैक्स फ्री इनकम के बारे में
अंत में अभी भी इस साल में भी कई ऐसे सही इनकम के तरीके हैं जिन पर आपको टैक्स नहीं देना पड़ता, यदि आप इन ऑप्शन का सही इस्तेमाल करें, तो टैक्स सेविंग के साथ साथ फाइनेंशियल प्लानिंग भी मजबूत हो सकती है।
देखिए स्मार्ट टैक्स प्लानिंग का मतलब सिर्फ टैक्स बचाना नहीं, बल्कि टैक्स फ्री ऑप्शन का सही इस्तेमाल करना भी है, ऊपर के बताए गए ऑप्शन को अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग में शामिल करके आप अपनी बचत को कई गुना बढ़ा सकते हैं।
में उम्मीद करता हूं की आपको पता चल है टैक्स फ्री इनकम के रास्ते कौन कौन से हैं? और इनके सभी पॉइंट को जाना है, इस पोस्ट को अपने दोस्त और सोशल मीडिया पर शेयर करें उनको भी टैक्स फ्री इनकम के बारे में बताएं।
ध्यान रखे: टैक्स नियम हर साल बदलते रहते हैं, इसीलिए खर्च या इन्वेस्ट करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर या सीए से एकबार सलाह ज़रूर लें।
फिर भी आप इस पोस्ट का लिंक अपने व्हाट्सएप या कही पर रखे जैसे ही कुछ नया अपडेट होगा में तुरंत इस पोस्ट को अपडेट कर दूंगा और आपको नया जानकारी मिल जाएगी।
इस पोस्ट से जाने:- हमारे भारत में कितने प्रकार के टैक्स हैं? जानिए पूरी जानकारी