टैक्स डिडक्शन और टैक्स एक्जेम्प्शन में अंतर को समझे? टैक्स बचाने के लिए

भारत के इनकम टैक्स में अक्सर दो शब्द बहुत सुने जाते हैं Tax Deduction और Tax Exemption, दोनों से टैक्स कम होता है, लेकिन दोनों का तरीका अलग होता है, यह समझना आपके लिए जरूरी है।

दोनों शब्द देखने में एक जैसे लगते हैं इसीलिए इनका हिंदी को समझे, Tax Deduction को हिंदी में (टैक्स कटौती) कहते है और Tax Exemption को हिंदी में (टैक्स छूट) कहते है।

इनकम टैक्स जमा समय भी हमें यह दो शब्द सुनने को मिलते हैं, दोनों ही हमें टैक्स कम करने में मदद करते हैं, इस पोस्ट में हम आपको सरल और आसान भाषा में समझाएँगे कि दोनों में क्या अंतर है? और कौन सा आपके लिए कितना फायदेमंद है।

टैक्स डिडक्शन (Tax Deduction) क्या है?

टैक्स डिडक्शन का मतलब है आपकी टोटल इनकम में से कुछ खर्च या निवेश करने पर उन अमाउंट को कम कर दिया जाता है, मतलब आपको जितनी डिडक्शन मिलेगी उतनी आय टैक्स से बच जाएगी।

एक उदाहरण से समझे: मान लीजिए आपकी सालाना इनकम ₹6,00,000 है, और आपने Section 80C के तहत ₹1,50,000 इन्वेस्ट किया है।

तब आपकी टैक्स देने वाला इनकम बन जाएगी 6,00,000 – 1,50,000 = 4,50,000 (इतने का आपको पर टैक्स देना है), मतलब डिडक्शन से आपकी टैक्सेबल इनकम को कम करती है जिससे आपका टैक्स कम हो जाता है।

डिडक्शन का लिस्ट

डिडक्शन आमतौर पर निवेश या खर्च के आधार पर मिलती है, कुछ कॉमन और पॉपुलर डिडक्शन का लिस्ट नीचे लिखा हूं:

  1. Section 80C :– PF, PPF, ELSS, LIC आदि (₹1.5 लाख तक)
  2. Section 80D :– Health Insurance
  3. Section 80G :– Donation
  4. Section 80TTA/TTB :– Savings Account Interest
  5. 80E :– Education Loan Interest

कुल मिलाकर इन डिडक्शन से आपकी टैक्सेबल इनकम को कम करता है, अगले बार से आप Section 80C, 80D, 80G आदि जैसे चीज पर ध्यान दे टैक्स सेविंग के लिए।

टैक्स एक्जेम्प्शन (Tax Exemption) क्या है?

टैक्स एक्जेम्प्शन का मतलब है आपकी कुछ इनकम पूरी तरह टैक्स फ्री हो जाती है, यह टैक्स के दायरे में आता ही नहीं, मतलब एक हिस्सा आपकी पूरे इनकम से पहले ही बाहर हो जाता है, इसीलिए इस हिस्से पर टैक्स जीरो होता है।

टैक्स में छूट को उदाहरण से समझे: अगर आपको सैलरी में HRA (House Rent Allowance) मिलता है, तो उसका कुछ हिस्सा पूरी तरह टैक्स फ्री हो जाता है, और भी है जैसे:

  1. House Rent Allowance (HRA)
  2. Leave Travel Allowance (LTA)
  3. Agriculture Income (कृषि से आय)
  4. Gratuity (₹20 लाख तक)
  5. PPF से मिलने वाला रिटर्न

इन पर आपकी इनकम का कुछ हिस्सा “टैक्स से छूट” के रूप में माना जाता है, इसमें आपको कोई इन्वेस्ट करने की जरूरत नहीं होता, यह कानूनी रूप से फ्री है।

टैक्स डिडक्शन और एक्जेम्प्शन में मुख्य अंतर

टैक्स डिडक्शन और एक्जेम्प्शन में असली अंतर एक टेबल से समझें:

विषयTax DeductionTax Exemption
कैसे फायदा मिलता है?टैक्स योग्य इनकम को कम करती हैइनकम का हिस्सा टैक्स फ्री हो जाता है
किस पर लागूकिसी निवेश, खर्च या योगदान परकुछ विशेष प्रकार की आय या अलाउंस पर
उदाहरण80C, 80D, 80GHRA, LTA, Agriculture income
कब मिलता हैपुरानी टैक्स व्यवस्था चुनने परकुछ कुछ पुराने और नए दोनों टैक्स व्यवस्थाओं में हैं

हमारे भारत में अभी दूं तरीका चल रही है पुराने और नए टैक्स व्यवस्था, पुराने टैक्स व्यवस्था में आपको इन्वेस्ट पर ज्यादा फायदा मिलता है, वही नए टैक्स व्यवस्था में टैक्स दर कम और ज्यादा आसान बनाया है।

इस पोस्ट से पूरा जान सकते है:- पुरानी और नई टैक्स व्यवस्था: कौन सी चुनें और कौन सी आपके लिए बेस्ट है? जानें पूरा गणित

कौन सा बेहतर है डिडक्शन या एक्जेम्प्शन?

टैक्स में आपके लिए कौन सा बेस्ट है? देखिए दोनों ही ज़रूरी हैं क्योंकि दोनों ही फायदेमंद हैं, लेकिन अगर आप टैक्स बचाने के लिए निवेश करना चाहते हैं या ज्यादा निवेश करते है तो टैक्स में डिडक्शन अच्छा ऑप्शन है।

इसके लिए आपके पैसा को निवेश के रूप में खर्च किया है यह दिखाना होगा, यह इसीलिए सरकार ने टैक्स फ्री किया है ताकि लोग इनपर अपना पैसा को लगाए।

वहीं अगर आपकी नौकरी में HRA, LTA या अन्य छूट है, तो टैक्स में एक्जेम्प्शन से आपको ज्यादा फायदा हो सकता है, क्योंकि आपकी इनकम में से एक ऐसा हिस्सा है जो टैक्स कानून में पहले ही टैक्स फ्री है।

सच तो यह है स्मार्ट टैक्स प्लानिंग के लिए दोनों का सही उपयोग करना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है, फिर भी आप अपने सोच को सबसे पहले रखें।

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निष्कर्ष: टैक्स में डिडक्शन और एक्जेम्प्शन

अंत में आपके लिए फिर से एक बार टैक्स डिडक्शन आपकी टैक्सेबल इनकम कम करता है और एक्जेम्प्शन आपकी इनकम के एक हिस्से को टैक्स फ्री कर देता है।

दोनों तरीके को सही से समझकर इस्तेमाल करने से आप अपने टैक्स को काफी हद तक कम कर सकते है, बिना किसी रिस्क के।

में उम्मीद करता हूं की Tax Deduction और Tax Exemption दोनों ही टैक्स बचाने के बेहतरीन तरीके को अपने समझ लिया हैं, अपने दोस्त और सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को शेयर कर उनको भी जानकारी लेने में मदद कीजिए।

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