हमारे भारत में कितने प्रकार के टैक्स हैं? जानिए पूरी जानकारी

क्या आपने कभी सोचा है कि हमारे देश के सरकार विकास के लिए पैसा कहाँ से लाती है? इसका सीधा जवाब है टैक्स, भारत की अर्थव्यवस्था में टैक्स सिस्टम सबसे जरूरी है, यह पैसा सार्वजनिक सेवाओं, सड़क, स्कूल विकास जैसे कामों के लिए खर्च होती है।

देखिए भारत में टैक्स को दो मुख्य श्रेणियों में बांटे गए हैं पहला है डायरेक्ट टैक्स (प्रत्यक्ष कर) और दूसरा है इनडायरेक्ट टैक्स (अप्रत्यक्ष कर), इन दोनों के बीच में कई अलग अलग तरह के टैक्स आते हैं, जो केंद्र सरकार, राज्य सरकार दोनों उठाते हैं।

हमारे भारत में कितने प्रकार के टैक्स लगते हैं यह आपके लिए जानना बहुत ही जरूरी है, नहीं तो आप टैक्स सिस्टम को नहीं समझ पाएंगे, आज हम आपको पूरा डिटेल में बताएंगे इसीलिए आप इस पोस्ट को लास्ट तक पढ़े।

डायरेक्ट टैक्स (Direct Taxes)

प्रत्यक्ष कर वह टैक्स होता है जिसे सीधे व्यक्ति या संस्था को सरकार को देना पड़ता है, इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है की इसे किसी और पर ट्रांसफर नहीं किया जा सकता, मतलब खुद के इनकम पर टैक्स देना होता है।

डायरेक्ट टैक्स के प्रकार

1. आयकर (Income Tax): यह व्यक्ति, HUF, कंपनी, फर्म, LLP आदि अपनी आय पर टैक्स देते हैं, और सैलरी, बिज़नेस, प्रॉपर्टी, कैपिटल गेन, अन्य आय पर लगता है।

2. कॉर्पोरेट टैक्स (Corporate Tax): यह भारत में रजिस्टार्ट कंपनियों द्वारा अपने प्रॉफिट पर दिया जाने वाला टैक्स होता है।

3. कैपिटल गेन टैक्स (Capital Gains Tax): यह संपत्ति जैसे जमीन, मकान और इन्वेस्ट जैसे शेयर खरीद कर रखा और म्यूचुअल फंड बेचने पर होने वाले लाभ पर लगता है, यह दो प्रकार के होते है Short Term और Long Term।

4. सिक्योरिटीज़ ट्रांजैक्शन टैक्स (STT): यह शेयर मार्केट में शेयर या डेरिवेटिव खरीदने और बेचने पर लगता है।

5. एस्टेट ड्यूटी और गिफ्ट टैक्स: यह गिफ्ट पर सीधे टैक्स नहीं है, लेकिन इनकम टैक्स के अंदर अभी भी कुछ नियम गिफ्ट टैक्स में मौजूद हैं।

6. फ्रिंज बेनेफिट टैक्स (FBT): यह अभी लागू नहीं है पहले कंपनियों द्वारा कर्मचारियों को दिए गए लाभ पर लगता था (अब हटाया जा चुका है)।

इनडायरेक्ट टैक्स (Indirect Taxes)

अप्रत्यक्ष कर वह होते हैं जो वस्तुओं और सेवाओं पर लगाया जाता हैं, और इन्हें एक व्यक्ति से दूसरे पर डाल दिया जाता है, मतलब कंपनी प्रोजेक्ट बनाती है और दाम के साथ में टैक्स भी जोड़ देते है और इन करों का अंतिम बोझ खरीदने वालों पर पड़ता है।

इसमें हम और आप जैसे सभी ग्राहक टैक्स देता है, लेकिन यह टैक्स सरकार को व्यवसाय करने वाला मालिक जमा करता है।

इंडायरेक्ट टैक्स के प्रकार

1. GST (Goods & Services Tax): यह भारत का सबसे बड़ा अप्रत्यक्ष कर है, जिसको चार भागों में विभाजन किया है:

  • CGST:- केंद्र सरकार
  • SGST:- राज्य सरकार
  • UTGST:- केंद्र शासित प्रदेश सरकार
  • IGST:- इंटर-स्टेट सप्लाई पर

2. कस्टम ड्यूटी (Custom Duty): यह विदेश से आयात (Import) और निर्यात (Export) होने वाले सामान पर लगता है।

3. एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty): यह पहले सभी सामान पर लगती थी, अब सिर्फ पेट्रोल, डीजल, तंबाकू, शराब जैसे कुछ प्रोडक्ट्स पर लगती है।

4. स्टाम्प ड्यूटी (Stamp Duty): यह प्रॉपर्टी खरीदते समय और अन्य कानूनी डॉक्यूमेंट रजिस्टार्ट करते समय लगने वाला टैक्स राज्य सरकार के तरफ से लगता है।

5. एंट्री टैक्स / लोकल बॉडी टैक्स: अब यह भी समाप्त हो गई है जीएसटी आने के बाद से।

ध्यान दें वस्तु एवं सेवा कर (Goods and Services Tax – GST): यह भारत में सबसे ज्यादा पैसा कमाके सरकार को देने वाला अप्रत्यक्ष कर है, जीएसटी आने के बाद से इसने वैट (VAT), सेवा कर (Service Tax), केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Central Excise Duty) जैसे कई पुराने अप्रत्यक्ष करों को खत्म कर दिया है और सबको मिलाकर एक कर जीएसटी नियम बनाई गई है। 

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प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों में मुख्य अंतर

आधारप्रत्यक्ष कर (Direct Tax)अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax)
वसूली का तरीकासीधे करदाता से लिया जाता हैवस्तुओं और सेवाओं के माध्यम से वसूला जाता है
बोझ किसके ऊपरबोझ दूसरे के ऊपर नहीं दिया जा सकताबोझ खरीदने वाले पर दिया जाता है
प्रकृतिप्रगतिशील इनकम बढ़ने पर टैक्स दर बढ़ते हैप्रतिगामी (इनकम से स्वतंत्र)
उदाहरणआयकर, कॉर्पोरेट टैक्सजीएसटी, सीमा शुल्क

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कुछ और अन्य महत्वपूर्ण टैक्स

1. प्रोफेशनल टैक्स (Professional Tax): यह राज्य सरकार द्वारा सैलरी वाले लोगों, दुकानदारों और प्रोफेशनल्स पर लगाया जाता है, और यह ज्यादा से ज्यादा ₹2,500 प्रति वर्ष लगाया जाने वाला नियम है।

2. हाउस टैक्स (House Tax): यह नगर निगम द्वारा घर जमीन के मालिक से लिया जाने वाला हर साल का छोटा टैक्स है।

3. रोड टैक्स (Road Tax): यह गाड़ी खरीदते समय और समय समय पर दिया जाने वाला रोड टैक्स है।

4. टोल टैक्स (Toll Tax): यह राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर सड़क पर गाड़ी चलने पर लगाया जाने वाला टैक्स है।

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भारत में कुल कितने प्रकार के टैक्स हैं? टेबल

टैक्स श्रेणीइसमें शामिल टैक्स
डायरेक्ट टैक्स आयकर, कॉर्पोरेट टैक्स, कैपिटल गेन टैक्स, STT आदि
इनडायरेक्ट टैक्स जीएसटी, कस्टम, एक्साइज, स्टाम्प ड्यूटी आदि
अन्य टैक्सप्रोफेशनल टैक्स, प्रॉपर्टी टैक्स, रोड टैक्स, टोल टैक्स

मतलब भारत में कुल मिलाकर 20 प्रकार के ऊपर टैक्स अलग अलग तरीका से लगाया जाता हैं।

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निष्कर्ष: भारत के टैक्स सिस्टम के बारे में

अंत में फिर एक बार बताता हूं भारत में टैक्स सिस्टम दो बड़े हिस्सों में बंटा है डायरेक्ट टैक्स और इनडायरेक्ट टैक्स, जीएसटी आने के बाद कई अप्रत्यक्ष कर खत्म हो गए है, जिससे टैक्स सिस्टम अब काफी सरल हो गया है।

भारत की टैक्स व्यवस्था प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों के मिक्स पर काम करता है, असल में इन दोनों प्रकार के करों का उद्देश्य एक ही है, देश के आर्थिक व्यवस्था को सुधारना और सभी नागरिकों के लिए एक बेहतर भविष्य बनाना।

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एक जागरूक नागरिक के तौर पर यदि आप बिजनेस करते हैं या सैलरी पर काम करते हैं, इन टैक्सों की जानकारी आपके लिए जरूरी है, और समय पर टैक्स जमा करना जरूरी है।

में उम्मीद करता हूं कि आपने जाना भारत में कितने प्रकार के टैक्स हैं? अपने दोस्त और सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को शेयर कर उनको भी जानकारी लेने में मदद कीजिए।

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