अगर मैं गुड्स और सर्विस दोनों काम करता हूँ तो किस लिमिट में जीएसटी रजिस्ट्रेशन करना है?

जीएसटी कानून के अंदर रजिस्ट्रेशन लिमिट हर व्यक्ति के कारोबार Goods (सामान) या Services (सेवाओं) पर निर्भर करती है, लेकिन अगर आप दोनों गुड्स और सर्विस का कारोबार करते हैं, तो कौन सी लिमिट लागू होती है? आज हम इसपर बात करेंगे।

भारत में अगर आप वस्तुओं और सेवाओं दोनों का कारोबार करते हैं, तो आपको जीएसटी रजिस्ट्रेशन के सीमा असल में सेवाओं के टर्नओवर (Services Turnover) पर करना होता है।

क्योंकि सेवा का टर्नओवर लिमिट कम रखा गया है, आपकी रजिस्ट्रेशन की सीमा और जीएसटी को समझने के लिए पहले वस्तुओं और सेवाओं के लिमिट को जानना होगा, आइए जानते है।

Goods और Services के लिए अलग अलग जीएसटी लिमिट क्या है?

कारोबार का प्रकारNormal State में LimitSpecial Category States में Limit
केवल Goods (सामान की बिक्री)₹40 लाख₹20 लाख
केवल Services (सेवाएं)₹20 लाख₹10 लाख
वस्तुएँ + सेवाएँ के लिए ₹20 लाख₹10 लाख

अगर Goods और Services दोनों करते हैं तो कौन सी लिमिट लागू होगी?

अगर आप वस्तुओं और सेवाओं दोनों का काम करते है तो जीएसटी रजिस्ट्रेशन लिमिट सर्विस वाली (₹20 लाख) मानी जाएगी, जो हमने ऊपर भी आपको बताया।

मतलब भले ही आप सामान भी बेच रहे हों, लेकिन आपके बिज़नेस में सर्विस भी शामिल हैं, इसलिए ₹20 लाख की लिमिट पहले लागू होगी।

सेवाओं के लिए बनाया हुआ सीमा में सामान्य राज्य के लिए ₹20 लाख है और कुछ विशेष पूर्वोत्तर राज्य ₹10 लाख है जो ऊपर टेबल में आपको दिखाया।

एक उदाहरण से समझिए

मान लीजिए आप कंप्यूटर बेचते हैं तो यह (Goods) के अंदर आता है और साथ में सॉफ्टवेयर इंस्टॉलेशन की भी काम करते है तो यह सर्विस (Service) के अंदर आता है।

  • आपकी सालाना कुल टर्नओवर ₹24 लाख है
  • इसमें ₹15 लाख सामान की बिक्री से आया
  • और ₹9 लाख सर्विस से आए

इस केस में आपकी कुल इनकम ₹24 लाख है, और क्योंकि आप सर्विस भी देते हैं, इसलिए ₹20 लाख की सर्विस लिमिट क्रॉस हो गई इसलिए आपको जीएसटी रजिस्ट्रेशन लेना होगा (सामान्य राज्यों के हिसाब से)।

स्पेशल कैटेगरी स्टेट्स के लिए

अगर आप मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड या त्रिपुरा जैसे विशेष श्रेणी के राज्यों में हैं, तो ये लिमिट और कम है, Goods + Services दोनों के लिए ₹10 लाख है।

साथ में अन्य पूर्वोत्तर राज्य जैसे असम, अरुणाचल प्रदेश और पहाड़ी राज्य जैसे हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड वर्तमान में ₹20 लाख की सीमा रखा गया हैं।

अगर आप केवल Exempted Goods या Services हैं?

अगर आप जीएसटी के सिर्फ छूट प्राप्त वस्तुएँ और सेबा (Exempted Goods या Services) देते है, जैसे खेती से जुड़ी वस्तुएँ बेचते हैं या शिक्षा सेवाएँ देते है, तो आपको जीएसटी रजिस्ट्रेशन की ज़रूरत नहीं होती, भले ही टर्नओवर ₹40 लाख से ज़्यादा क्यों न हो जाए।

लेकिन इसमें भी बात है कि कृषि और खाद्य उत्पाद में ब्रांडिंग न हो मतलब खेती के बाद सब्जी को सेल करना यह जीएसटी फ्री है, और स्कूलों और कॉलेजों से ली जाने वाली ट्यूशन फीस भी जीएसटी फ्री है बस वह ऑनलाइन न होना चाहिए और सरकार से मान्यता प्राप्त होना चाहिए।

इस पोस्ट से जाने:- GST में Input Tax और Output Tax में क्या अंतर है? जाने पूरी जानकारी

कंपोजिशन स्कीम की सीमा वस्तुओं और सेवाओं के लिए

अगर आप वस्तुओं और सेवाओं दोनों की काम में कंपोजिशन स्कीम का लाभ लेना चाहते हैं, क्योंकि इसमें टैक्स कम देना होता है, इसका नियम कुछ अलग हैं नीचे से जाने:

सेवाओं के लिए कंपोजिशन स्कीम वार्षिक टर्नओवर की लिमिट ₹1.5 करोड़ है और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए ₹75 लाख है।

वही वस्तुओं के लिए लिया गया कंपोजिशन स्कीम में अगर आप सेवाओं को भी शामिल करना चाहते हैं तो आपकी पिछले साल की इनकम का कुल टर्नओवर का 10% होना चाहिए या ₹5 लाख से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

मतलब अगर आपका टर्नओवर इस सीमा ₹1.5 करोड़ या ₹75 लाख के भीतर है, लेकिन सेवाओं का हिस्सा 10% या ₹5 लाख से ज्यादा है, तो आप सिर्फ सेवा कंपोजिशन स्कीम ₹50 लाख तक टर्नओवर वाला ले सकते हैं।

आप सर्विस कंपोजिशन स्कीम का 6% टैक्स देना होता है, इसका हिसाब ऐसे होता है (CGST 3% + SGST 3% टोटल 6%, कंपोजिशन स्कीम में आपको ITC (Input Tax Credit) का लाभ नहीं मिलेगा।

एक सलाह आपके लिए: अगर आपको ज्यादा टेंशन नहीं चाहिए तो आप वस्तु के लिए आपके नाम का जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराए और अपने परिवार के किसी के नाम से सेबा के लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराए।

और आप अपना सभी इनकम का बैठकर एकबार कैलकुलेशन करें और देखे को आपको क्या करने से फायदा होगा, उसके बाद हो आप जीएसटी नंबर के लिए अप्लाई करें, और में आपको नीचे जो पोस्ट का लिंक दूंगा वह भी पढ़ें ताकि आपको बाकी बात समझ में आ जाए।

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निष्कर्ष: जीएसटी रजिस्ट्रेशन गुड्स और सर्विस दोनों काम के लिए

जैसे ही आप वस्तुओं के साथ सेवाओं की भी काम शुरू करते हैं, तो ₹40 लाख की बड़ा सीमा आपके लिए नहीं है, आपको हमेशा ₹20 लाख (या विशेष राज्यों में ₹10 लाख) की निचली सीमा को देखना चाहिए ताकि आप सही जीएसटी रजिस्ट्रेशन की सीमा को चुन सके।

अगर आप Goods और Services दोनों का बिज़नेस करते हैं, तो हमेशा सर्विस लिमिट (₹20 लाख या 10 लाख) को अपना हिसाब मानें, और अपना स्टेट का जीएसटी लिमिट चेक करें, और एक बार लिमिट क्रॉस होते ही जीएसटी रजिस्ट्रेशन कर लीजिए।

इस पोस्ट से जान सकते है:- जीएसटी रजिस्ट्रेशन लिमिट 10/20 लाख और 20/40 लाख कौन सा सही है?

में उम्मीद करता हूं कि आपको कब जीएसटी रजिस्ट्रेशन करना चाहिए अगर आप गुड्स और सर्विस दोनों का काम करते है, इनके बारे में जानकारी मिली है अपने दोस्त और सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को शेयर कर उनको भी जानकारी लेने में मदद कीजिए।

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